हाईकोर्ट ने आज ने OBC आरक्षण बढ़ाने का विरोध कर रहे पक्ष की दलीलें सुनीं। अब मामले की अगली सुनवाई 14 मई दोपहर 3 बजे होगी। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार ने वर्ष 2019 में OBC आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। हालांकि इस फैसले को अदालत में चुनौती दिए जाने के बाद हाईकोर्ट ने बढ़े हुए 13 प्रतिशत आरक्षण पर अंतरिम रोक लगा दी थी। मामला बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां से इसे दोबारा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट भेज दिया गया। आज सुनवाई के दौरान आरक्षण बढ़ाने का विरोध कर रहे पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट की उस गाइडलाइन का हवाला दिया, जिसमें कुल आरक्षण सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होने की बात कही गई है। हाईकोर्ट अब लगातार तीन दिनों तक मामले में अंतिम दलीलें सुन रहा है, ताकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय तीन माह की समय सीमा के भीतर फैसला सुनाया जा सके।
अभ्यर्थियों ने भी जबलपुर में प्रदर्शन किया-
इधर, OBCआरक्षण के होल्ड अभ्यर्थियों ने भी जबलपुर में प्रदर्शन किया। प्रदेश के करीब 50 जिलों से पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने महाधिवक्ता के निवास से हाईकोर्ट परिसर तक रैली निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें तहसील चौक के पास रोक दिया। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले सात वर्षों से भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं और 13 प्रतिशत आरक्षण होल्ड होने से हजारों उम्मीदवारों का भविष्य अधर में है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही। कोर्ट के नाम पर OBC वर्ग को गुमराह किया जा रहा है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, जो तेज धूप में छोटे बच्चों के साथ पहुंचीं। अभ्यर्थियों ने महाधिवक्ता से कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखने और जल्द फैसला करवाने की मांग की है।
OBC आरक्षण पर अब 14-15 मई को सुनवाई-
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में OBC आरक्षण पर फैसले की उम्मीद लगाए पक्षों को बड़ा झटका लगा है। आरक्षण पर फाइनल सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है। साथ ही फाइनल हियरिंग के लिए नई तारीखों का भी ऐलान किया गया है। मामले पर अब 14 व 15 मई से हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।