जबलपुर। दोस्त बने दुश्मन के बीच गुरूवार की रात छोटे फुहारे में ऐसा खूनी हैप्पी बर्थ डे मनाया गया, जिसमें एक दोस्त और उसके साथियों ने न केवल चाकू चलाया बल्कि अपने दोस्त को गोली मार दी और धमकी देते हुए भाग गए।
गोहलपुर पुलिस ने बताया कि गुरूवार रात मेडिकल कॉलेज से घायल युवक की सूचना मिली। मौके पर पुलिस को अमन उर्फ अम्बर श्रीवास निवासी बढ़ई मोहल्ला ने बताया कि वह महादेव ट्रेडर्स कम्पनी में काम करता है। गुरूवार को आदि दीक्षित, जिसका उसके दोस्त रितिक ठाकुर से गाली गलौज के कारण पुराना मनमुटाव चल रहा है, का जन्मदिन था। उसने पुरानी बुराई के कारण रितिक ठाकुर ने अपने इंस्टाग्राम एकाउण्ट पर एक पोस्ट डाली, जिसमें आदि ठाकुर की पिटाई का पुराना वीडियो शेयर करके हेप्पी बर्थडे छोटे लिखा।
वीडियो को उसने अपनी आईडी में मेंशन किया। पोस्ट आदि दीक्षित ने देखी और अगले दिन 27 मई को उसे मोहल्ले में अपने साथियों के साथ ढूढ़ रहा था। जिसकी जानकारी उसे लगी तो उसने अपने मोबाइल से उनके मोबाइल पर शाम 5-7 बजे कॉल कर पूछा किया। तुम मुझे क्यों ढूढ़ रहे हो तो आदि दीक्षित उसे फोन पर ही गाली गलोज करने लगा और मिलने पर मारने की धमकी दिया। उसके बाद उसी दिन उसकी फोन पर 8 बार और बात हुयी जिसमें आदि दीक्षित गाली गलोज और धमकी देता रहा। आदि दीक्षित और आदि के साथी उसके मोहल्ले के चक्कर लगाने लगे लेकिन वह उन्हें नहीं मिला। गुरूवार को आदि दीक्षित ने इंस्टा पर उसे मेंशन कर कॉल करने के लिये मैसेज किया तो उसने इंस्टा पर ही कॉल किया जिसने उसे कहा कि तु डर गया है, तेरे मोहल्ले में आया तो तू छुप गया है मिला नही। उससे पूछा तो उसने बाहर होना बताया फिर शाम को उसके दोस्त रितिक ठाकुर की आदि दीक्षित से बात हुयी जिसमें कॉन्फ्रेंस कॉल से हमारी ओर से अंश सिंह ठाकुर और उनकी ओर से पियूष सोनी भी थे, जो कॉल में रात में कम्प्रोमाईज करने के लिये दमोहनाका मिलने की बात हुयी। रात लगभग 10-30 बजे वह रितिक ठाकुर, अंश सिंह ठाकुर, छोटे फुहारा में अतुल मेडिकल के सामने खड़े थे।
उसी समय रितिक उर्फ लालू के मोबाइल में आदि का फोन आया जिसे हमने अतुल मेडिकल के सामने छोटा फुहारा मिलने के लिये बुलाया। आदि दीक्षित, पियुष सोनी, हर्ष कोष्टा और अन्य लड़के मोपेड और स्कूटी से आये। आदि दीक्षित से कम्प्रोमाईज को लेकर बात चल रही थी। बातचीत के दौरान ही आदि दीक्षित ने रितिक को चांटा मार दिया तो हम लोगों ने अलग किया तभी हर्ष ने चाकू निकाल लिया और मारने के लिये होने लगा। वो लोग गाली गलोज करने लगे। उसने और लालू ने हर्ष से चाकू छीन लिया। वो लोग पीछे हट गये उसी समय उसकी मां जिन्हें किसी ने उसके झगड़े के बारे में बता दिया, वहां पर आयीं और डंाटने लगी। जिनकेा देखकर उसने चाकू फैंक दियां। जिसे हर्ष कोष्टा ने उठा लिया। उसी दौरान आदि ने अपनी स्कूटी की डिग्गी खोलकर पिस्टल निकाली और हवा में गोली चला दी। हम लोग नहीं भागे तो आदि दीक्षित ने उसे जान से मारने के लिये उसकी ओर फायर कर दिया। गोली नहीं चली तो फिर से उसे मारने के लिये गोली चलाया तो गोली उसके वायें पैर के टकने के पास लगी। हमने बचने के लिये वहीं पर पड़े पत्थर उठाकर उनकी ओर फैंके तो आदि दीक्षित, पियूष सोनी, हर्ष कोष्टा तथा अन्य लोग हम लोगों के साथ गाली गलौज करते हुये बोले कि आज बच गया। अबकी बार जान से खत्म कर देगें, कहते हुये अपनी गाड़ियों से मिलौनीगंज की ओर भाग गये।