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जबलपुर के लिए पंजाब से बुक डॉग को ट्रेन मैनेजर ने चलती ट्रेन से फेंका, मचा बवाल

लुधियाना/जबलपुर. लुधियाना रेलवे स्टेशन पर गार्ड ने चलती ट्रेन से महिला एनआरआई का कुत्ता नीचे फेंक दिया। एनआरआई महिला इसे एनिमल ट्रांसपोर्टर की मदद से मोगा से जबलपुर भेज रही थी। जो ट्रांसपोर्टर इसे ले जा रहा था, वह भी उसी ट्रेन के जनरल डिब्बे में बैठा हुआ था। इस घटना से बवाल मच गया है. घटना की शिकायत रेलमंत्रालय तक से की गई है.

घटना के संबंध में बताया जाता है कि श्रीमाता वैष्णोदेवी-जबलपुर गाड़ी संख्या 11450 ट्रेन से लैब्राडोर प्रजाति के डॉग को एनआरआई महिला ने मोगा से जबलपुर अपनी बेटी के ससुराल भेजने के लिए एक ट्रांसपोर्टर के माध्यम से भेजने का निर्णय लिया था.  ट्रांसपोर्टर संजय ने कहा कि वह मोगा का रहने वाले है। वह सिर्फ एनिमल (कुत्ते) ट्रांसपोर्ट करने का काम करते है, यानी कुत्तों को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने का काम करते हैं। मोगा की रहने वाली महिला हरप्रीत कौर ने अपना कुत्ता ब्रूनो जबलपुर अपनी एनआरआई बेटी के ससुराल भेजना था। उसने उनसे संपर्क किया। जिसके बदले महिला ने 10 हजार में बुकिंग कराई।

कुत्ते की बिल्टी बनाई, खुद उसी ट्रेन में बैठा

संजय के मुताबिक उसने कुत्ते का मेडिकल, बिल्टी और सभी कागज बनवाए। कुत्ते की बिल्टी बनाई थी और उसके 240 रुपए लगे। उसके बाद खुद उसी ट्रेन में अपने लिए 370 रुपए की जनरल कोच की टिकट ली। उन्होंने ट्रेन संख्या 11450 जबलपुर एक्सप्रेस में कुत्ते की बुकिंग करवाई।

जबलपुर की ट्रेन के गार्ड के डिब्बे में पिंजरे में रखा

इसके बाद कुत्ते को बकायदा गार्ड वाले डिब्बे में पिंजरे में पैक किया और उसे पानी व अन्य खाने का सामान भी रख दिया। पिंजरे में कुत्ता रखते समय की वीडियो भी बनाकर मालकिन हरप्रीत को भेजी। उसने ट्रेन के जरिए कुत्ते भेजने के सारे नियम पूरे किए। संजय ने बताया कि इसको लेकर सुबह 5.21 बजे सुबह बुकिंग का नंबर 40027455737 मैसेज के जरिए फोन पर मिला। कुत्ते का पार्सल लोड होने का मैसेज उन्हें 5.52 सुबह फिर आ गया। जैसे ही ट्रेन लुधियाना स्टेशन से चली तो उसके दोस्त का उसे फोन आया। उसने उसे बताया कि उनके कुत्ते को गार्ड ने प्लेटफार्म पर ट्रेन से बाहर फेंक दिया है।

कुत्ते को बचाने ट्रेन से कूदा ट्रांसपोर्टर

संजय ने कहा कि उसने जब गार्ड से पूछा कि कुत्ते को उसने क्यों गाड़ी से उतारा तो गार्ड ने उसे बताया कि कुत्ते का चालान उसे नहीं मिला था। दोनों की बहस हुई जैसे ही गाड़ी प्लेटफार्म के आखिरी हिस्से पर पहुंची तो संजय ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। उसके पैरों में चोट भी आई। किसी तरह वह कुत्ते तक पहुंचा तो आवारा कुत्तों ने उसे तब तक घेर लिया। संजय ने कहा कि गार्ड को जो बिल्टी व अन्य मेडिकल के कागज दिए गए थे उनमें उसका नंबर, कोच नंबर और सीट नंबर तक लिखा था लेकिन गार्ड ने लापरवाही बरतते हुए कुत्ते को बिना बताए ट्रेन से नीचे फेंक दिया। 

महिला ने कहा- मैंने बच्चों की तरह पाला

इस मामले में मोगा की रहने वाली महिला हरप्रीत कौर ने कहा कि उनके कुत्ते का नाम ब्रूनो है। कुत्ते की आयु करीब 4 साल है। उनकी बेटी विदेश रहती है और उसने कहा था कि मेरे ससुराल में कुत्ते की जरुरत है। इस कारण उन्होंने कुत्ते को उसके ससुराल भेजना था। महिला का कहना है कि रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के कारण कुत्ता जबलपुर नहीं पहुंचा और लुधियाना से वापस मोगा लाना पड़ा। हरप्रीत कौर ने कहा कि रेल अधिकारियों को इस मामले में दखल देकर जांच करवानी चाहिए। आरोपी गार्ड के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए।

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