जबलपुर। वैश्विक युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते बने गंभीर संकट ने जबलपुर के घरेलू बजट पर सीधी सर्जिकल स्ट्राइक की है। महज 24 घंटे के ठहराव के बाद शहर में ईंधन की कीमतों ने एक बार फिर लंबी छलांग लगाई है। इस ताजा झटके में पेट्रोल के दामों में 2.85 रुपए, डीजल में 2.79 रुपए और प्रीमियम पेट्रोल में 2.85 रुपए प्रति लीटर का तगड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। आज लागू हुई इन नई दरों के बाद जबलपुर में पेट्रोल 114.53 रुपए, डीजल 99.66 रुपए और प्रीमियम 124.27 रुपए प्रति लीटर के अब तक के सबसे महंगे स्तर पर जा पहुंचा है। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने स्थानीय बाजार में चौतरफा आर्थिक मंदी और बेकाबू महंगाई का सीधा खतरा पैदा कर दिया है।
दस दिनों में लगातार बदले आंकड़े, मालभाड़ा बढ़ने से हर वस्तु होगी महंगी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई चेन टूटने से कीमतों का यह ग्राफ लगातार ऊपर की तरफ भाग रहा है। आंकड़ों के उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो 15 मई को जो पेट्रोल 109.79 रुपए, डीजल 95.00 रुपए और प्रीमियम 119.53 रुपए था, वह महज चार दिन बाद 19 मई को उछलकर क्रमशः 110.74 रुपए, 95.93 रुपए और 120.48 रुपए पर टिक गया। इसके बाद भी तेजी नहीं थमी और 23 मई को दाम फिर बढ़कर पेट्रोल 111.68 रुपए, डीजल 96.87 रुपए और प्रीमियम 121.42 रुपए हो गए। आज सुबह रही-सही कसर भी पूरी कर दी और पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। जानकारों का कहना है कि डीजल का शतक के करीब पहुंचना सीधे तौर पर मालभाड़े को बढ़ाएगा। इससे आने वाले दिनों में आम आदमी की रसोई से लेकर सब्जी मंडी, किराना और दैनिक उपयोग की हर जरूरी चीज की कीमतें तेजी से भड़केंगी, जिसका सीधा और सबसे गहरा असर नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ना तय है।
