नई दिल्ली। रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाला खान-पान अब और महंगा होने जा रहा है। सेंट्रल रेलवे ने 1 जून 2026 से खान-पान की विभिन्न वस्तुओं की दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह बढ़ोतरी तेल और गैस की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे के कारण की गई है। माना जा रहा है कि सेंट्रल रेलवे के बाद शीघ्र ही पश्चिम मध्य रेलवे के अलावा अन्य रेल जोनों में भी खान-पान वस्तुओं की कीमतों में इजाफा होगा.
इन चीजों के बढ़े दाम
नई दरों के मुताबिक, सबसे लोकप्रिय स्नैक वड़ा पाव की कीमत में लगभग 54 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले 13 रुपये में मिलने वाला वड़ा पाव अब 20 रुपये में मिलेगा, जिसमें 50 ग्राम आलू वड़ा 15 रुपये और पाव 5 रुपये प्रति पीस तय किया गया है। इसके अलावा वेज समोसा, वेज पफ और साबूदाना वड़ा भी अब 20 रुपये प्रति पीस की दर से मिलेंगे। वहीं, पाव भाजी और वेज पिज्जा के शौकीनों को अब 50 रुपये प्रति पीस चुकाने होंगे।
कौन-कौन सी चीजें कितने में मिलेगी, पूरी लिस्ट?
1. आलू वड़ा - 15 रुपये
2. रगड़ा/उसल प्लेट + 1 पाव - 25 रुपये
3. वेज समोसा - 20 रुपये
4. पाव - 5 रुपये
5. वेज सैंडविच + सॉस - 35 रुपये
6. वेज चीज सैंडविच + सॉस - 45 रुपये
7. वेज पफ/पेटिस - 20 रुपये
8. साबूदाना वड़ा - 20 रुपये
9. ढोकला - 25 रुपये
10. सभी प्रकार के लड्डू - 20 रुपये
11. वेज फ्रेंकी - 30 रुपये
12. वेज चीज फ्रेंकी - 45 रुपये
13. सूखा भेल - 25 रुपये
14. चटनी भेल - 30 रुपये
15. पोहा नमकीन - 20 रुपये
16. सादा डोसा (सादा) + चटनी + सांभर - 25 रुपये
17. मसाला डोसा + चटनी + सांभर - 35 रुपये
18. प्याज डोसा/उत्तपम + चटनी/सांभर - 30 रुपये
19. रवा डोसा/मसाला उत्तपम + चटनी + सांभर - 35 रुपये
20. रवा इडली + चटनी + सांभर (2 नग) - 35 रुपये
21. पाव भाजी (2 पाव) - 50 रुपये
22. दही वड़ा (2 नग) - 35 रुपये
23. वेज कटलेट (2 नग) + सॉस/चटनी - 35 रुपये
24. छोले पूरी (5 पूरी + छोले) - 40 रुपये
25. मेदु वड़ा + चटनी/सांभर (2 नग) - 35 रुपये
26. इडली सांभर/चटनी (2 नग) - 30 रुपये
27. चना दाल वड़ा + चटनी (2 नग) - 35 रुपये
28. ब्रेड पकोड़ा - रु 25
29. प्याज के पकोड़े/मिली-जुली भजिया — क्रह्य 25
30. मूंग भजिया — क्रह्य 30
31. वेज रोल — क्रह्य 30
32. वेज पिज्जा — क्रह्य 50
33. टमाटर का सूप — क्रह्य 20
गुणवत्ता सुधारने के दिए निर्देश
मूल्य वृद्धि को मंजूरी देने के साथ ही रेलवे ने सभी लाइसेंसधारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि दरों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुधार के रूप में दिखना चाहिए। इसके अलावा, नए टैरिफ लागू होने के 6 महीने बाद बिक्री का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके आधार पर लाइसेंस शुल्क की समीक्षा होगी।
