जबलपुर/भोपाल. पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के के ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर चल रहे फुटओवरब्रिज सहित अन्य निर्माण में लगातार देरी और लापरवाही सामने पर पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर श्री आशुतोष (पीसीई) ने सख्त नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान काम की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने मौके पर ही असिस्टेंट मंडल इंजीनियर (एडीईएन) अमर सिंह दांगी से कह दिया कि, आपने कभी यहां आकर काम देखा होता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती? मास्टर प्लान में जो काम तय हैं, आप लोग वे तक नहीं करा पाए हैं? आपका तो मैं डिमोशन कराऊंगा। निरीक्षण के दौरान प्रधान मुख्य अभियंता का गुस्सा देखकर अधिकारियों में हड़कम्प मचा रहा.
मौके पर ही बदल दिया आईओडब्लू का किया तबादला
इस दौरान काम में देरी के लिए उन्होंने ब्यावरा के इंस्पेक्टर ऑफ वक्र्स (आईओडब्ल्यू) महेंद्र कुमार आर्या का मुख्यालय शाजापुर से बदलकर तत्काल ब्यावरा करने के निर्देश भोपाल मंडल के अधिकारियों को दिए। इसके लिए चीफ इंजीनियर (सीई) से कह दिया कि, मेरे ऑफिस पहुंचने के पहले इनका ऑर्डर निकालकर मुझे भेजें। इस दौरान उन्होंने ठेकेदार को भी काम में तेजी लाने की सख्त चेतावनी दी। दरअसल अमृत भारत योजना में चयनित ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर तकरीबन 21 करोड़ रुपए की लागत से कायाकल्प के तहत कई काम चल रहे हैं। इनका निरीक्षण करने जबलपुर जोन के पीसीई श्री आशुतोष गुरुवार 9 अप्रैल की शाम को करीब साढ़े 5 बजे अपनी परख स्टेशन ट्रेन से ब्यावरा स्टेशन पहुंचे थे।
सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे अफसर, हुए खफा
चीफ इंजीनियर ने स्टेशन पर हुए निर्माण कार्यों और वर्तमान में चल रहे फुटओवर ब्रिज का जायजा लिया। प्लेटफॉर्म नंबर एक और 3 पर तैयार पिलर्स पर रखे जाने वाले गर्डर (गर्डर) को लेकर उन्होंने ठेकेदार के इंजीनियर व साइट इंचार्ज से जानकारी ली। जब पूछा गया कि एक गर्डर मास्टर प्लान से छोटा क्यों किया गया है? इस पर ठेकेदार पक्ष स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। इस पर वे नाराज हुए और एडीईएन दांगी से सवाल किया कि, क्या यह गर्डर आपकी देखरेख में तैयार हो रहे हैं? जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी।
