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एमपी : केन-वेतवा लिंक परियोजना हो रहा उग्र, बच्चों महिलाओं सहित पानी में उतरे ग्रामीण, किया जल सत्याग्रह

छतरपुर. केन वेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासियों, किसानों और ग्रामीणों का 10 वें दिन आंदोलन तेज हो गया. उचित मुआवजा को लेकर आंदोलनकारियों ने जल सत्याग्रह किया. प्रशासन लगातार आंदोलनकारियों को मनाने ओर दबाने में लगा है. लेकिन आंदोलनकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा. वहीं आरोप है कि, आंदोलन की कमान उठाने वाले समाज सेवी अमित भटनागर के परिवार को मकान नपाई का नोटिस जारी कर दवाव बनाया गया.

बांध का निर्माण कार्य बंद

केन-वेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत ढोडन बांध का निर्माण कार्य लगातार दसवें दिन भी बंद रहा. जिससे निर्माण कार्य में लगी एनसीसी कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की बात सामने आई है. काम ठप होने के बीच आंदोलनकारियों ने विरोध को और तेज करते हुए केन नदी में जल सत्याग्रह कर दिया.

आंदोलनकारियों के प्रमुख अमित भटनागर कहते हैं, प्रशासन आदिवासी समुदाय के आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है. उनका कहना है कि, यदि कलेक्टर और एसडीएम स्तर के अधिकारी उनसे बातचीत करें, तो आंदोलन जल्द समाप्त हो सकता है. आंदोलनकारी चाहते हैं कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर सीधे संवाद करें, जिससे लगभग 80 प्रतिशत समस्याओं का समाधान निकल सकता है. वहीं आंदोलनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के रुख को लेकर भी नाराजगी जताई जा रही है.

बच्चों के साथ धूप में बैठी महिलाएं

आंदोलनकारियों का कहना है कि, अधिकारी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और बातचीत के लिए आगे नहीं आ रहे हैं. आंदोलन स्थल पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं. छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं भी इस आंदोलन में शामिल हैं. कई आदिवासी महिलाएं दो माह तक के बच्चों को गोद में लेकर तेज धूप में दिनभर बैठी रहती हैं, जहां आसपास छाया की भी नहीं है. अमित भटनागर ने प्रशासन से अपील की है कि, वह अपनी जिद छोड़कर वार्ता का रास्ता अपनाए, ताकि आंदोलन समाप्त हो सके और ढोडन बांध का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो. साथ ही कंपनी को हो रहे आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सके. वहीं, छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल कहते हैं, हम कई बार बात कर चुके, अधिकारी भी भेज चुके हैं, जो उचित मांगे हैं मानी जायेंगी.

क्या कहते हैं अधिकारी

जब छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल से बात हुई तो उन्होंने कहा, जो भी उचित मांगे हैं, वह पूरी की जाएगी, जो आंदोलनकारी बैठे हैं, उनके लिए दवा, साफ पानी भी प्रशासन भेज रहा है. पिछले दिनों में 95 लोगों का स्वस्थ परीक्षण करवाया था. बात चल रही है, जल्द कोई अच्छा रास्ता निकलेगा.

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