बकाया बिजली बिलों की वसूली के लिए विद्युत विभाग का बड़ा अभियान
जबलपुर। जबलपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिलों की बकाया राशि वसूलने के लिए विद्युत विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शहर अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा के निर्देशन में विभाग की विभिन्न टीमों ने पॉश इलाकों सहित कई अन्य क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान जिन दुकानदारों ने लंबे समय से बिल जमा नहीं किए थे, उनकी दुकानों को सील कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने दुकानों के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा कर स्पष्ट किया है कि राशि जमा किए बिना संचालन शुरू नहीं किया जा सकेगा। इस अचानक हुई कार्रवाई से व्यावसायिक क्षेत्रों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
विभिन्न क्षेत्रों में विभागीय टीमों की संयुक्त कार्रवाई
कार्यवाही को प्रभावी बनाने के लिए कार्यपालन यंत्री विनय पॉल, आदित्य परस्ते और अभिषेक विश्वकर्मा ने अलग-अलग दल गठित किए थे। इन टीमों ने नेपिटर टाउन, गोरखपुर, शास्त्री ब्रिज, रसल चौक, बिलहरी और पोलीपाथर जैसे रिहायशी व व्यापारिक क्षेत्रों में सघन जांच की। इसके अलावा नया गांव, तिलहरी, प्रेम सागर, तेवर, ओमती, बहोराबाग, चांदनी चौक, कठौंदा और कटंगी बायपास में भी दुकानों को सील किया गया। विभाग का यह अभियान प्रभात नगर, माढ़ोताल, उर्दुआ, हतना चांटी, बिलपुरा, परियट, इमलिया, गाजी नगर, अधारताल, रांझाी, पिपरिया और इसाई मोहल्ला तक विस्तृत रहा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 1 सप्ताह के भीतर बकाया भुगतान नहीं किया गया तो विद्युत अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली चोरी और फैक्ट्रियों पर लाखों का जुर्माना
बिजली चोरी के विरुद्ध भी विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। टेढ़ी नीम क्षेत्र में अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर फैक्ट्रियां संचालित करने वाले संचालकों पर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने शिकंजा कसा है। जांच के बाद विभाग ने कुल 7 लाख 18 हजार 649 रुपए की बिलिंग की है। अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक जुर्माने की पूरी राशि जमा नहीं होती, तब तक इन फैक्ट्रियों की सील नहीं खोली जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी संचालक ने अनाधिकृत रूप से सील तोड़ने या बिजली दोबारा जोड़ने का प्रयास किया, तो संबंधित के विरुद्ध पुलिस थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
अधिकारी से अभद्रता करने पर कर्मचारी निलंबित
विद्युत विभाग के अनुशासन को बनाए रखने के लिए एक अन्य मामले में कठोर प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। दक्षिण संभाग कार्यालय पुरवा में पदस्थ एक भृत्य ने बिजली बिल कम करने के मुद्दे पर अपने वरिष्ठ अधिकारी को फोन कर अभद्रता की। मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा के अनुमोदन के बाद कार्यपालन यंत्री आदित्य परस्ते ने संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उक्त कर्मचारी को विजय नगर कार्यालय में अपनी उपस्थिति देनी होगी। नियमानुसार इस अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। विभाग ने संदेश दिया है कि कार्य में लापरवाही या वरिष्ठों से दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
