सतना। सतना की बैंक कालोनी कोलगवां में 11 साल के बच्चे शिवराज रजक की आज गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर शव नीले ड्रम में छिपा दिया गया। घटना का खुलासा तब हुआ, जब बच्चे के लापता होने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घर के अंदर रखे ड्रम से उसका शव बरामद किया। शिवराज की खून से लथपथ लाश नीले ड्रम में देख परिजन स्तब्ध रह गए। यह खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई, देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई।
बताया गया है कि बैंक कालोनी में रहने वाले मथुरा रजक उम्र 45 वर्ष का रमेश रजक से झगड़ा हुआ था। इस बात का बदला लेने के लिए मथुरा रजक मौके ही तलाश में था। आज दोपहर के वक्त रमेश रजक का बेटा शिवराज उम्र 11 वर्ष घर में अकेला था, मां आशा रजक काम पर गई थीं, बड़ी बहन कॉलेज और भाई मजदूरी के लिए बाहर गया था। इसी दौरान मथुरा रजक घर आया और शिवराज को पकड़ लिया। शिवराज ने बचने की कोशिश की लेकिर आरोपी ने हंसिया से शिवराज का गला रेत दिया। हत्या करने के बाद आरोपी ने बालक शिवराज की खून से लथपथ लाश को घर में रखे नीले ड्रम में डालकर बंद कर दिया। कुछ देर मां काम से लौटी तो शिवराज घर पर नहीं मिला। आसपास तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं लगा। अपरान्ह 3.30 बजे पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की तलाशी ली, तब बच्चे की खून से लथपथ लाश ड्रम में मिली। बालक शिवराज की लाश मिलने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।ा घटना की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे, जिन्हे पूछताछ में पता चला कि आरोपी मथुरा कपड़े प्रेस करने की दुकान संचालित करता है। घटना के बाद से दुकान बंद करके भाग निकला है, जिसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ है। पुलिस द्वारा आरोपी को पकडऩे के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पांचवी कक्षा में पढ़ता रहा बालक-
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि रमेश रजक फिलहाल महाराष्ट्र के नासिक में टाइल्स फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। शिवराज की मां घरों में काम करती हैं, जबकि बड़ा भाई पढ़ाई के साथ मजदूरी करता है। बहन ने हाल ही में 12वीं पास कर कॉलेज में एडमिशन लिया है। वहीं शिवराज पांचवी कक्षा में पढ़ता रहा।
10 दिन पहले परिवार में भी हुआ था विवाद-
परिजनों के अनुसार, करीब 10 दिन पहले पिता रमेश घर आए थे, जहां मां के देर से लौटने को लेकर पति-पत्नी में विवाद हुआ था। इसके बाद पिता गांव नयागांव चले गए थे। घटना के वक्त घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था।