भोपाल. पमरे के भोपाल रेलवे स्टेशन पर सोमवार 20 अप्रैल दोपहर करीब 3:30 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब भोपाल से जोधपुर जाने वाली भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस की जनरेटर कार से अचानक धुआं उठने लगा। घटना प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर हुई, लेकिन धुएं का असर इतना ज्यादा था कि प्लेटफॉर्म नंबर-1 तक इसका गुबार पहुंच गया। इससे अन्य प्लेटफॉर्म पर बैठे यात्रियों को भी सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जनरेटर कार से अचानक तेज धुआं और हल्की आग की लपटें दिखाई दीं। देखते ही देखते पूरा स्टेशन धुआं-धुआं हो गया। हालांकि रेलवे स्टाफ और इंजीनियरिंग टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जनरेटर कार में हादसा
भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता नवल अग्रवाल ने बताया कि ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने के दौरान पावर ऑन किया गया था, तभी जनरेटर कार में शॉर्ट सर्किट की वजह से धुआं निकलने लगा। प्रारंभिक जांच में तार जलने की बात सामने आई है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और इंजीनियरों की टीम जांच में जुटी हुई है।
यात्री नहीं थे मौजूद
राहत की बात यह रही कि घटना के समय ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह लगी नहीं थी और उसमें यात्री मौजूद नहीं थे। यह ट्रेन शाम 4:50 बजे भोपाल से रवाना होती है। अधिकारियों के मुताबिक, वैकल्पिक व्यवस्था कर ट्रेन को समय पर रवाना करने की कोशिश की जा रही है।
करीब 20 मिनट बाद चला पता
अधिकारियों की बातचीत में यह भी सामने आया कि शुरुआती कुछ मिनटों तक किसी को स्पष्ट रूप से आग या धुएं का अंदेशा नहीं हुआ। जनरेटर कार के अंदर तकनीकी गड़बड़ी धीरे-धीरे बढ़ती रही, लेकिन करीब 15-20 मिनट बाद जब धुआं तेजी से पूरे प्लेटफॉर्म और आसपास के क्षेत्र में फैल गया, तब कर्मचारियों और मौजूद लोगों को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। इसके बाद तुरंत फायर बूस्टर की मदद से आग पर काबू पाया गया।
फायर बूस्टर से बुझाई गई आग
अधिकारियों के मुताबिक, आग को फायर बूस्टर की मदद से तुरंत काबू में कर लिया गया। इसके बाद एहतियातन जनरेटर कार को अलग कर दिया गया और वैकल्पिक इंजन व पावर कार की व्यवस्था की जा रही है। बातचीत में यह भी सामने आया कि इंजन बदला जाएगा और तकनीकी जांच के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया जाएगा।
आरकेएमपी यार्ड में ले जाई गई जनरेटर कार
घटना के बाद क्षतिग्रस्त जनरेटर कार को हटाकर आरकेएमपी (रानी कमलापति स्टेशन) के पास खड़ा किया गया है, जहां इंजीनियरिंग टीम इसकी जांच कर रही है। सिग्नल क्लियर होने के बाद इसे यार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।

