घर में घुसकर मारपीट का आरोप
अधिवक्ता पंकज शर्मा का आरोप है कि आरक्षक साकेत तिवारी ने उनके घर में अनाधिकृत रूप से प्रवेश किया और उनके साथ गाली-गलौज करते हुए शारीरिक मारपीट की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस घटना के पर्याप्त वीडियो साक्ष्य उनके पास उपलब्ध हैं जो आरक्षक की बर्बरता को प्रमाणित करते हैं। अधिवक्ताओं ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायत देने के बाद भी पुलिस विभाग ने अपने कर्मचारी को बचाने का प्रयास किया और प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय समझौते के लिए अनुचित दबाव बनाया। वकीलों के अनुसार यदि रक्षक ही भक्षक की भूमिका में होंगे तो न्याय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
पुलिस प्रशासन की दोहरी जांच
अधिवक्ताओं के बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन को अधिवक्ताओं की ओर से मांग पत्र प्राप्त हो चुका है और इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि विभाग के पास एक अन्य शिकायत भी आई है जिसमें एक युवती ने वकील पर डराने और धमकाने का आरोप लगाया है। प्रशासन फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की सूक्ष्मता से पड़ताल कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच प्रतिवेदन आने के बाद तथ्यों के आधार पर दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
