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साधना सप्ताह 2026: मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी प्रदेश में प्रथम


जबलपुर
। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आयोजित साधना सप्ताह 2026 में प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों के बीच प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 2 से 10 अप्रैल तक संचालित इस अभियान के माध्यम से कंपनी ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की मंशा के अनुरूप प्रशासनिक दक्षता और सेवा ओरिएंटेशन में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। साधना सप्ताह का मुख्य लक्ष्य सरकारी सेवकों के भीतर नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण विकसित करना और उनकी कार्यक्षमता को आधुनिक कौशलों से सुसज्जित करना रहा। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का समन्वय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, क्षमता निर्माण आयोग तथा कर्मयोगी भारत द्वारा किया गया।

​आईजीओटी प्लेटफॉर्म पर शैक्षणिक उपलब्धि

​क्षमता निर्माण आयोग के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल में आईजीओटी कर्मयोगी डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म ने आधारभूत भूमिका निभाई। वर्ष 2021 में गठित यह आयोग शासकीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली को नियम आधारित से भूमिका आधारित बनाने की दिशा में कार्यरत है। इसी क्रम में वर्ष 2022 में कर्मयोगी भारत विशेष प्रयोजन वाहन की स्थापना की गई, जो डिजिटल लर्निंग के माध्यम से कर्मचारियों को व्यवहारिक, कार्यात्मक और डोमेन आधारित विषयों पर प्रशिक्षित करता है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के कार्मिकों ने इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाते हुए निरंतर अधिगम की प्रक्रिया को अपनाया, जिससे वे कार्यस्थल पर अधिक पारदर्शी और प्रभावी ढंग से कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

​पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति रुझान

​साधना सप्ताह के दौरान मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के कुल 3517 पंजीकृत कार्मिकों ने सक्रियता दिखाते हुए 26882 पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे किए। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों के प्रति गहरा आकर्षण देखा गया। बड़ी संख्या में कार्मिकों ने एआई तकनीक में विशेषज्ञता प्राप्त कर प्रमाण पत्र अर्जित किए। इस व्यापक भागीदारी के फलस्वरूप कंपनी ने राज्य शासन के उन प्रमुख 20 विभागों में भी अपनी जगह बनाई, जिन्होंने शिक्षण के क्षेत्र में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस सफलता को मानव संसाधन की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया है। वहीं कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन एवं प्रशासन दीपक कश्यप ने कौशल उन्नयन की इस प्रक्रिया को दैनिक कार्यप्रणाली में शामिल करने पर जोर दिया है।

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