
नई दिल्ली. केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. वेतन और पेंशन संशोधन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नेशनल काउंसिल की ड्राफ्टिंग कमेटी ने 13 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन अंतिम सिफारिशों पर चर्चा करना और उन्हें अंतिम रूप देना है, जिन्हें आधिकारिक तौर पर 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाना है.
संयुक्त मेमोरेंडम की तैयारी
ड्राफ्टिंग कमेटी वर्तमान में एक व्यापक और संयुक्त मेमोरेंडम तैयार करने में जुटी है. इस दस्तावेज में कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों को शामिल किया गया है. यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कमेटी विभिन्न कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों से प्राप्त सुझावों को एक सूत्र में पिरोकर अंतिम प्रस्ताव तैयार करेगी. इससे पहले 12 मार्च 2026 को भी समिति की एक आवश्यक बैठक हुई थी, जिसमें शुरुआती इनपुट और संगठनों की मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया था.
सरकार का रुख और समय सीमा
फरवरी 2026 में संसद सत्र के दौरान सरकार ने स्पष्ट किया था कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है. 3 नवंबर 2025 के आधिकारिक प्रस्ताव के अनुसार, आयोग को अपनी विस्तृत सिफारिशें पेश करने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है.
कर्मचारियों को है बड़ी उम्मीदें
8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से ही सरकारी कर्मचारियों में भारी उत्साह है. माना जा रहा है कि नया वेतन आयोग फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी और अन्य भत्तों में सुधार के जरिए कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकता है. 13 अप्रैल की बैठक इस पूरी प्रक्रिया में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है, क्योंकि यहीं से आयोग की सिफारिशों का ठोस ढांचा तैयार होगा.