खास बात यह है कि छात्र अब सिर्फ फेल विषयों के लिए ही नहीं, बल्कि बेहतर अंक लाने के लिए भी किसी विषय में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। यह परीक्षा 7 मई 2026 से शुरू होगी। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों को अपने रिजल्ट सुधारने का बेहतर अवसर मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने पूरक परीक्षा की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। पहले हाईस्कूल में अधिकतम दो विषय और हायर सेकेंडरी में एक विषय में फेल छात्र ही पूरक परीक्षा दे सकते थे। लेकिन अब ष्द्वितीय परीक्षाष् के तहत सभी छात्रों को समान अवसर मिलेगा। नई व्यवस्था के अनुसार जो छात्र किसी विषय में अनुत्तीर्ण हैं, उनके लिए उस विषय की परीक्षा देना अनिवार्य होगा। वहीं जो छात्र पास हैं, वे भी अपने अंक सुधारने के लिए स्वेच्छा से किसी भी विषय में शामिल हो सकते हैं। यह बदलाव छात्रों के लिए बड़ा राहत भरा कदम माना जा रहा है। बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार हायर सेकेंडरी 12वीं की द्वितीय परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी। वहीं हाईस्कूल 10वीं की परीक्षा 7 मई से 19 मई 2026 के बीच होगी। सभी परीक्षाएं निर्धारित केंद्रों पर आयोजित होंगी।
रिजल्ट में बेहतर अंक होंगे मान्य-
द्वितीय परीक्षा के बाद जारी की जाने वाली अंकसूची मुख्य परीक्षा की तरह ही होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र के मुख्य परीक्षा और द्वितीय परीक्षा में से जो भी बेहतर परिणाम होगा, वही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा। इससे छात्रों को अपना प्रदर्शन सुधारने का सीधा लाभ मिलेगा।
ऐसे कर सकेंगे आवेदन-
द्वितीय परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को मुख्य परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद सात दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से पूरी की जाएगी। जहां निर्धारित शुल्क जमा कर आवेदन किया जा सकेगा। इसके लिए छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।