कोटा. देश भर में एलपीजी गैस सप्लाई बाधित होने के कारण रेलवे के रनिंग रूमों में रनिंग स्टाफ के स्वयं के राशन से खाना बनवाने पर रोक लगाते हुए प्रशासन ने आदेश दिए गए है कि स्टॉफ को सब्सिडाइज्ड खाना ही खाना पड़ेगा स्वयं का राशन देकर खाना नहीं बना सकते। इसमें गैस बचत का हवाला भी दिया गया है। इन आदेशों से खफा रनिंग स्टाफ ने आज वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन (डबलूसीआरईयू) की कोटा लोको और ओपन लाइन (ट्रेन मैनेजर) के नेतृत्व में एकत्रित होकर कोटा लॉबी पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
यूनियन महामंत्री ने पमरे जीएम को लिखा पत्र, जताया विरोध
यूनियन के महामंत्री कॉम मुकेश गालव ने बताया कि कल भी उन्होंने महाप्रबंधक पश्चिम मध्य रेलवे को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि बहुत सारा रनिंग स्टाफ विभिन्न बीमारियों से जुझ रहा हैं एवं अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अपना राशन स्वयं देकर खाना बनाता है। इस व्यवस्था से उसके स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ेगा क्योंकि सब्सिडाइज्ड खाना निश्चित मेनू का होता है जो सबके लिए उचित नहीं होता साथ ही लगभग सभी रनिंग रूमों में सब्सिडाइज्ड खाने की घटिया गुणवत्ता की लगातार शिकायतों के बाद भी उसमें कोई सुधार नहीं हुआ है। साथ ही ठेकेदारों द्वारा मनमानी और घटिया सामग्री उपयोग पर भी कोई अंकुश नहीं है ।अत: गैस बचत ही लक्ष्य है तो राशन वाले खाने को बंद करने के बजाय सब्सिडाइज्ड खाने को बंद करने, ईंधन के अन्य विकल्पों जैसे इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हे, माइक्रो ओवन, कोयला भट्टी आदि विकल्प के उपयोग पर विचार करना चाहिए ताकि स्टाफ को उनके अनुकूल अच्छा खाना मिल सके, लेकिन प्रशासन के द्वारा स्टॉफ के खुद के राशन से बने खाने की व्यवस्था बंद करना कही से भी उचित नहीं हैं। इस व्यवस्था से रनिंग स्टाफ में भयंकर रोष व्याप्त है।
लॉबी के समक्ष विरोध प्रदर्शन
आज बड़ी संख्या में कोटा मुख्यालय में कार्यरत रनिंग स्टाफ कोटा लॉबी में यूनियन के बैनर तले एकत्रित हुआ और प्रशाशन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । यहां स्टाफ को संबोधित करते हुए यूनियन के सहायक महामंत्री कॉम नरेश मालव ने कहा कि रनिंग स्टाफ रेलवे का समर्पित और फ्रंटलाइन स्टाफ है तथा रेलवे ने बिना वैकल्पिक उपायों की व्यवस्था किए एकतरफा निर्णय लिया जो सीधे सीधे स्टाफ के स्वास्थ्य और उनके भोजन के मूल अधिकार को भी प्रभावित कर रहा है । इस प्रकार की मनमानी नहीं चलेगी । अगर रेलवे ने रनिंग स्टॉफ की ये जायज मांग नहीं मानी और शीघ्र स्वयं के राशन से भोजन बनवाने की व्यवस्था प्रारंभ नहीं की तो स्टाफ नो फूड _नो वर्क आंदोलन पर मजबूर होगा। और रनिंग रूमों से गाड़ी वर्क नहीं करेगा जिसकी समस्त जवाबदारी रेल प्रशासन की होगी। उपस्थित रनिंग स्टाफ को ओपेन लाइन शाखा उपाध्यक्ष कॉम संजीव शर्मा ने भी संबोधित किया।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर चेतराम मीणा , प्रशांत भारद्वाज, विशाल वर्मा, शैलेश लोढ़वाल, किशन गोपाल मीणा,बच्चू सिंह मीणा, संदीप टेलर, संजय अग्रवाल, बादल सिंह मीणा, भीम शंकर मीणा, रविंद धाकड़ सत्य प्रकाश शर्मा, टीकम शर्मा, भूपेंद्र यादव, राजेंद्र वर्मा, बद्री प्रसाद, मंद्रेश कुमार, राकेश गुप्ता, सुनील टंडन, राजकुमार मीणा, विकास सैन, धीरज प्रसाद गौतम, भागचंद मीणा, नरेंद्र महावर सहित सैकड़ों रनिंग स्टाफ उपस्थित रहा।

