जबलपुर। गढ़ा क्षेत्र स्थित स्मार्ट सिटी अस्पताल में इलाज के दौरान बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। सड़क दुर्घटना में घायल हुई दो महिलाओं ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर बीमा राशि के लालच में गलत तरीके से पैर काटने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटनाक्रम को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है।
उपचार में लापरवाही का कड़वा सच
घटना की शुरुआत एक सड़क हादसे से हुई थी, जिसमें मोटरसाइकिल पर सवार बसंती मल्लाह, सकुन बाई और राजू मल्लाह को ट्रक क्रमांक MP21ZD9367 ने टक्कर मार दी थी। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए पहले श्रीधाम अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ से उन्हें अग्रिम इलाज हेतु स्मार्ट सिटी अस्पताल रेफर किया गया। पीड़ितों का कहना है कि भर्ती होने के समय उनके पैरों की स्थिति सामान्य थी और उंगलियों में हलचल मौजूद थी। आरोप है कि चिकित्सकों ने घावों का उचित उपचार करने के स्थान पर उन पर प्लास्टर चढ़ाकर प्लास्टिक की पन्नी से बांध दिया। लंबे समय तक हवा न लगने और ड्रेसिंग की कमी के कारण घाव पूरी तरह सड़ गए और उनमें संक्रमण फैल गया। इसके पश्चात चिकित्सकों ने कथित तौर पर इंश्योरेंस क्लेम प्राप्त करने के उद्देश्य से महिलाओं के पैर काट दिए।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
इस मामले के चलते पीड़ित महिलाएं अब स्थाई रूप से दिव्यांग हो गई हैं। न्याय की मांग को लेकर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को लिखित ज्ञापन सौंपा गया है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र यादव, बीपी उड़िया, कमलेश पटेल, दीपेंद्र दुबे, राहुल अहिरवार और शुभम उपस्थित रहे। शिकायतकर्ताओं ने अस्पताल के दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच करने और दोषी चिकित्सा कर्मियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। वर्तमान में पुलिस प्रशासन इस प्रकरण की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि चिकित्सा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि की जा सके।
