जबलपुर। ओमती थाना क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित एक धार्मिक सभा के दौरान भारी हंगामा और विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। यह पूरा घटनाक्रम प्रसिद्ध क्राइस्ट चर्च कैथेड्रल,नेपियर टाउन में घटित हुआ, जहां मसीही समुदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्र होकर आराधना कर रहे थे। घटना के संबंध में ओमती पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रार्थना सभा के दौरान विवाद की स्थिति
क्राइस्ट चर्च कैथेड्रल में रविवार सुबह करीब 9 बजे प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा था। इस दौरान वहां लगभग 150 से 200 की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे। शिकायतकर्ता ब्रूसली तगादुरई, जो 926 नार्थ सिविल लाइन के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि जब वह चर्च के मंच से माइक के माध्यम से सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी लेडली मैथ्यू अचानक चर्च के भीतर प्रवेश कर गए। लेडली मैथ्यू क्राइस्ट चर्च बॉयज स्कूल के निष्कासित प्राचार्य बताए जा रहे हैं, जिनका वर्तमान में चर्च समिति से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। लेडली मैथ्यू ने अचानक मंच पर पहुंचकर आराधना के बीच में ही माइक हाथ में ले लिया और शांतिपूर्ण ढंग से चल रही सभा में व्यवधान उत्पन्न करना शुरू कर दिया। जब उपस्थित लोगों और ब्रूसली तगादुरई ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने उनके साथ और वहां मौजूद फिलिप पमर के साथ झूमाझपटी शुरू कर दी। इस दौरान चर्च परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और आरोपी द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने से वहां मौजूद महिलाओं और पुरुषों में भारी रोष व्याप्त हो गया।
पुलिस ने बयान दर्ज किए,घटनास्थल की जांच शुरू
चर्च में मौजूद सदस्यों द्वारा बाहर निकाले जाने के बाद आरोपी लेडली मैथ्यू करीब 15 मिनट बाद पुनः चर्च परिसर में वापस आया। उसने दोबारा चर्च के भीतर घुसने का प्रयास किया और वहां खड़े सदस्यों को अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस पूरे घटनाक्रम के गवाह नवीन कक, नितिन बाघ, फिलिप पमर, श्रीमती एलएम साठे, श्रीमती जैनी परिहार, अल्फ्रेड पोटिक और मेशक तगादुरई बने हैं, जिन्होंने पुलिस को दिए बयानों में घटना की पुष्टि की है। ब्रूसली तगादुरई की शिकायत पर ओमती पुलिस ने अपराध क्रमांक 0135/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296(ए) और 351(2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जांच की जिम्मेदारी कार्यवाहक सहायक उप-निरीक्षक खेमकरण डेहारिया को सौंपी गई है। पुलिस अब घटनास्थल के साक्ष्यों और उपस्थित लोगों के विस्तृत बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
