जबलपुर। सिहोरा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले एक युवक को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। 7 मार्च को चोपड़ा निवासी 24 वर्षीय शिवम कुमार श्रीवास ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उल्लेख किया गया कि इंस्टाग्राम पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा किसी अन्य स्थान के पुराने वीडियो का उपयोग करते हुए 'सिहोरा में फिर शुरू हुई लड़ाई' शीर्षक से फर्जी वीडियो पोस्ट किया गया था। इस भ्रामक पोस्ट का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा और तनाव भड़काना था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध आईटी एक्ट की धारा 66(डी) और बीएनएस की धारा 223(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की।
तकनीकी सबूत जुटाए, कटनी से पकड़ा
पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु आदेश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा और एसडीओपी सिहोरा आदित्य सिंघारिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिहोरा प्रतीक्षा मार्को के नेतृत्व में टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान साइबर सेल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों की मदद से इंस्टाग्राम आईडी धारक की पहचान अजय सिंह राजपूत पिता अनिल सिंह राजपूत उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम पटना रोड थाना बहोरीबंद जिला कटनी के रूप में हुई।
पुलिस की सोशल मीडिया पर निगरानी
पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त कर लिया। आरोपी को वैधानिक कार्यवाही के बाद माननीय न्यायालय सिहोरा के समक्ष पेश किया गया है। जबलपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या भड़काऊ जानकारी साझा न करें क्योंकि प्लेटफार्मों की लगातार निगरानी की जा रही है। कार्रवाई में आरक्षक नीरज चौरसिया, देवराज कौरव, आकाश सोनकर और सोशल मीडिया सेल के आरक्षक अभय सिंह, शुभम, अमरीश एवं महिला आरक्षक सुलेखा की सराहनीय भूमिका रही।
