बताया जाता है कि रीवा के बैकुंठपुर में रहने वाला दयाशंकर पांडे बीते दिन गेट नंबर 6 से हाईकोर्ट परिसर में दाखिल हुआ। उसके बैग में दस्तावेजों के साथ बैग में भ्रूण रखा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई। दयाशंकर पांडे ने पुलिस कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसी मामले में सुनवाई थी। वह स्वयं ही अपने केस की पैरवी करने हाईकोर्ट पहुंचा था। हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश करने के बाद सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने दयाशंकर की गतिविधियों को नजर अंदाज कर दिया, उसे रोककर जांच भी नहीं की। जिसपर एसपी संपत उपाध्याय ने एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। गौरतलब है रीवा निवासी दयाशंकर का आरोप है कि उस पर और उसके परिवार पर कई बार हमले हुए। उसने इन घटनाओं की शिकायत रीवा पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उसने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। दयाशंकर का कहना है कि उसने 2024 में विधानसभा और लोकसभा का निर्दलीय चुनाव लड़ा था। चुनाव हारने के बाद से उस पर हमले होने का आरोप उसने लगाया है। दयाशंकर के मुताबिक 1 मार्च को वह पत्नी और चार साल की बच्ची के साथ बाइक से जा रहा था। इसी दौरान एक बिना नंबर की कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें उसकी पत्नी घायल हो गई। 8 मार्च को उसकी पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे का मिसकैरेज हो गया।