जबलपुर/डिंडोरी। एमपी के डिंडौरी में बस मालिक संजय केशरवानी व उनकी पत्नी साधना केशरवानी ने यात्री बसों का संचालन करते हुए 9 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी की। इन्होने उक्त 16 बसों को कबाड़ में बेचकर लाखों रुपए कमाए। यह सारी साजिश बस मालिक दम्पति ने आरटीओ के कर्मचारियों के साथ मिलकर रची। जबलपुर की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच के बाद बस मालिक दम्पति व आरटीओ के कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
जबलपुर EOW के अधिकारियों ने बताया कि डिंडौरी निवासी संजय केशरवानी व उनकी पत्नी साधना केशरवानी द्वारा यात्री बसों को संचालन किया जाता है। जिनकी बसें डिंडौरी, जबलपुर, शहडोल, मंडला व बालाघाट में रजिस्टर्ड थी। इन दोनों वाहन मालिकों द्वारा अपनी इन बसों को डिण्डौरी से जबलपुर, डिण्डौरी से बम्हनी, बिछिया से डिण्डौरी एवं अमरकंटक से मलाजखण्ड तक संचालित किया जाता था। इन 16 बसों में से विभिन्न बसों का वर्ष 2006 से 2025 तक का टैक्स इन वाहन मालिकों द्वारा जमा नहीं किया गया था। यहां तक कि 2006 से इन बसों को कबाड़ में बेच दिया गया। उक्त सूचना परिवहन कार्यालय डिण्डौरी में दे देना बताया गया और परिवहन विभाग को टैक्स देना बंद कर दिया गया। इस तरह से बस मालिक संजय केशरवानी व पत्नी साधना ने लिपिक पुष्प कुमार प्रधान के साथ मिलकर शासन को 9 करोड़ की आर्थिक क्षति पहुंचाई। जिसपर ईओडब्ल्यू ने तीनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
RTO के लिपिक ने टैक्स की फाइलें गायब कर दी-
वर्ष 2017 से जिला परिवहन कार्यालय डिण्डौरी ने संजय व साधना केशरवानी से टैक्स वसूली की प्रक्रिया शुरू की। वसूली कार्यवाही के दौरान लिपिक पुष्प कुमार प्रधान सहायक ग्रेड-1 द्वारा इन बसो की टैक्स की फाईलें गायब कर दी गई। टैक्स की फाईल गुम जाने के कारण परिवहन विभाग दिनांक तक टैक्स नहीं वसूल पाने के कारण शासन को लगभग 9 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
इनपर दर्ज किया गया मामला-
-संजय आत्मज आसनदास केशवानी वाहन स्वामी निवासी नर्मदागंज डिण्डौरी
-साधना पति संजय केशवानी
-पुष्प कुमार प्रधान सहायक ग्रेड.1 आरटीओ कार्यालय डिण्डौरी हाल नरसिंहपुर
