एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाए कि कुलगुरु राजेश वर्मा की नियुक्ति पूरी तरह से अवैध है। जिसके चलते उन्हें इस्तीफा हर हाल में देना ही होगा। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष सचिन रजक का कहना है कि लगातार विश्वविद्यालय का स्तर पढ़ाई को लेकर गिरते जा रहा है। प्रोफेसर राजेश वर्मा कुलगुरु ना होकर यहां पर सीए की भूमिका निभा रहे हैं। विश्वविद्यालय की पढ़ाई व परीक्षा में ध्यान देने की बजाए कुलगुरु सरकार का पैसा बचाने में लगे हुए हैं। छात्र परेशान हो रहे हैं ना परीक्षा हो रही है, ना ही उन्हें डिग्रियां मिल रही हैं, इतना ही नहीं रिजल्ट भी घोषित नहीं हो रहे हैं। एनएसयूआई ने आज कुलगुरु को रोकते हुए जब उनसे इस्तीफा की मांग की तो वह बिना गाड़ी के ही जाने लगे तब कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरा इसके बाद कुलगुरु अपने ऑफिस में चले गए, जहां पर भी पीछा करते हुए पहुंच गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आफिस का घेराव कर जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया।