बताया गया है कि सिस्टर इंचार्ज जब वार्ड के अंदर गईं तो कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। जांच में पता चला है कि वार्ड से 3 एक्सेस पैरामॉनिटर, 10 वैक्यूम रेगुलेटर व 5 ह्यूमिडिफायर सहित कई अन्य उपकरण गायब हैं। चोरों ने सिर्फ मशीनें ही नहीं चुराईं बल्कि कई मशीनों को तोड़कर उनके अंदर के मेटल के हिस्से भी निकाल लिए हैं। गौरतलब है कि इस कोविड आईसीयू को करीब चार महीने पहले नैदानिक केंद्र की ग्राउंड फ्लोर से ऊपरी मंजिल पर स्थानांतरित कर दिया गया था। शिफ्टिंग के बाद पुराने वार्ड को बंद करके सिविल सर्जन को सौंप दिया गया था। हालांकि इसकी एक चाबी आईसीयू सिस्टर इंचार्ज के पास भी मौजूद थी। हैरानी की बात यह है कि चार महीने से वार्ड बंद था लेकिन इस दौरान किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने वहां जाकर स्थिति जांचने की जहमत नहीं उठाई।
गार्ड तैनात थे, खराब गेट की पहले ही हुई थी शिकायत-
अस्पताल परिसर में वार्डों की निगरानी के लिए बाकायदा सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैंए इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। बताया गया है कि आईसीयू का गेट पहले से ही खराब था। वार्ड इंचार्ज ने इस संबंध में सिविल सर्जन को कई बार लिखित शिकायत भी दी थी और मरम्मत के लिए पत्राचार भी किया था। लेकिन अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं किया।