जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की दूरदर्शी एवं प्रेरणादायी पहल के अंतर्गत जिला न्यायपालिका तथा उच्च न्यायालय के कर्मचारियों के सेवा-संबंधी विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित समाधान हेतु प्रारंभ की गई मध्यस्थता प्रक्रिया निरंतर प्रभावी परिणाम दे रही है।
इसी क्रम में मंगलवार 24 फरवरी को माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की अध्यक्षता में न्यायालय के नियमित कार्यसमय के पश्चात उच्च न्यायालय जबलपुर के साउथ हॉल में एक विशेष मध्यस्थता सत्र आयोजित किया। यह सत्र न्यायालय समय पश्चात आयोजित किया, जिससे नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित न हों और कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके।
उक्त मध्यस्थता सत्र में कुल 22 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 14 प्रकरणों का आपसी संवाद, सहमति एवं समन्वय के आधार पर सफलतापूर्वक निराकरण किया गया, इनमें एक प्रकरण 2005 से लंबित था। प्रकरणों का समाधान पक्षकारों की सक्रिय सहभागिता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से संभव हो सका।
इस सत्र की एक विशेष उपलब्धि यह भी रही कि विभिन्न जिलों में पदस्थ कर्मचारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता कर अपने प्रकरणों का प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया। तकनीक-सक्षम इस प्रक्रिया ने भौगोलिक दूरी की बाधाओं को समाप्त करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों को भी समान अवसर प्रदान किया।
न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया ने कहा कि इस पहल से कर्मचारियों को त्वरित, किफायती एवं संतोषजनक समाधान प्राप्त हो रहा है, जिससे न्यायालयीन वातावरण में विश्वास एवं सौहार्द की भावना सुदृढ़ हो रही है।
