जबलपुर। सिहोरा में पिछले दिनों हुए चर्चित आजाद चौक विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में से एक और स्थानीय स्तर पर मंदिर प्रमुख के रूप में पहचाने जाने वाले बनवारी गुप्ता की जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मंगलवार रात करीब 9 बजे जेल में निरुद्ध बनवारी गुप्ता ने सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत की थी। जेल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सक्रियता दिखाई। उन्हें पहले सिहोरा के शासकीय सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ ड्यूटी डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच की। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती परीक्षण में उनका ब्लड प्रेशर काफी अनियंत्रित पाया गया और स्वास्थ्य संकेतकों में असामान्यता देखी गई। स्थिति में सुधार न होते देख और हृदय संबंधी जटिलताओं की आशंका के चलते डॉक्टरों ने उन्हें उच्च स्तरीय उपचार हेतु जबलपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
प्रशासनिक सतर्कता और क्षेत्र में संवेदनशीलता
बनवारी गुप्ता की तबीयत बिगड़ने की खबर जैसे ही फैली, उनके परिजन और समर्थक बड़ी संख्या में अस्पताल पहुँचने लगे। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बंदी के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। प्रशासन का कहना है कि जेल के भीतर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बाद जैसे ही आवश्यकता महसूस हुई, उन्हें तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास भेजा गया। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर, आजाद चौक विवाद के चलते क्षेत्र में पहले से ही माहौल संवेदनशील बना हुआ है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मूल प्रकरण की कानूनी जांच अपने निर्धारित तरीके से चलती रहेगी और स्वास्थ्य संबंधी अपडेट्स से न्यायालय को अवगत कराया जाएगा। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की पुरजोर अपील की है। फिलहाल सभी की नजरें मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे बीमारी के स्पष्ट कारणों का पता चल सके।
