जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंगपुर ने तकनीकी दक्षता की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यहाँ के इंजीनियरों ने 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 के उस 'लो-प्रेशर रोटर' की इन-हाउस मरम्मत कर दी, जिसे विशेषज्ञ एजेंसियों ने अनुपयुक्त घोषित कर नया रोटर लगाने की सलाह दी थी। विशेषज्ञों के अनुसार, नए रोटर की खरीद और स्थापना में लगभग 48 माह (4 वर्ष) का समय लगता। इतने लंबे समय तक यूनिट बंद रहने से न केवल भारी आर्थिक चपत लगती, बल्कि राज्य की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती। कंपनी के इंजीनियरों ने इस चुनौती को स्वीकार किया और देश में पहली बार किसी एलपी टरबाइन रोटर की यथास्थान मरम्मत करने का साहसिक निर्णय लिया। सफलतापूर्वक मरम्मत के बाद इस यूनिट ने लगातार 100 दिनों तक बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान यूनिट ने 97.97% प्लांट लोड फैक्टर के साथ लगभग 1592 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने इस उपलब्धि को तकनीकी नवाचार और टीम भावना की जीत बताया है। यह सफलता साबित करती है कि भारतीय इंजीनियरों का कौशल वैश्विक स्तर पर किसी से कम नहीं है।
