प्रसूता के पेट में मारे घूंसे, नवजात की मौत, स्टाफ ने कहा पाप किया है इसलिए नहीं हो रहा बच्चा, दर्द से तड़पती रही महिला,

 

बैतूल। एमपी के बैतूल स्थित जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में नवजात की मौत  से सनसनी फैल गई। इस मामले में परिजनों ने परिजनों ने आरोप लगाया है कि नर्स ने प्रसूता के पेट में घूंसे मारे है। मेडिकल स्टाफ ने महिला के पेट पर दबाव डाला, जिससे नवजात की जान गई। यहां तक कि अभद्र टिप्पणी करते हुए प्रसूता से कहा कि तुमने कोई पाप किया होगा, इसलिए बच्चा नहीं हो रहा है।

                                बैतूल के शाकादेही निवासी योगेश यादव ने कलेक्ट्रेट में लिखित शिकायत देते हुए कहा कि चार दिन पहले देर रात पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां पर ड्यूटी पर उपस्थित नर्स व स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया, उन्हे उठाया गया तो चिढ़कर बदसलूकी करने लगी। जब दबाव बनाया गया तो पेट को घंूसे से दबाने लगी, यहां तक कि घूंसे मारे।  जिससे नवजात बच्चे की मौत हो गई। जिला अस्पताल में बरती गई लापरवाही व अव्यवस्था के कारण परिजन निजी अस्पताल ले जाना चाहते थे लेकिन अस्पताल प्रबंधन के कहने पर फिलहाल इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है। पीडि़त परिवार ने कलेक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मौके पर मौजूद जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन ने तुरंत सिविल सर्जन को जांच करने का निर्देश दिए है। 

3 डॉक्टर्स की टीम करेगी जांच, नर्स-स्टाफ को नोटिस

इस मामले में बैतूल जिला अस्पताल के सिविल सर्जन जगदीश घोरे ने ड्यूटी पर उपस्थित नर्स व स्टाफ को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें सर्जन डॉ रंजीत राठौर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ आशीष ठाकुर व डॉ ईशा डेनियल शामिल हैं। सिविल सर्जन का का कहना है कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। 


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