भोपाल। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में आज कोच रिपेयर वर्कशॉप , भोपाल में एक विशाल आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में रेल कर्मचारी सम्मिलित हुए। सभा को मुख्य रूप से संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में केंद्र सरकार द्वारा थोपे गए नए श्रमिक कानूनों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें मजदूर विरोधी करार दिया।महामंत्री अशोक शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि रेलकर्मियों के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रमुखता से तीन मांगों पर बल दिया। पुरानी पेंशन योजना को तत्काल बहाल करना, रेलवे में बढ़ती ठेकेदारी प्रथा को जड़ से खत्म करना और 1 जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना। इन मांगों को लेकर उन्होंने आर-पार की लड़ाई का आह्वान किया।
देशव्यापी हड़ताल को दिया नैतिक समर्थन
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा आहूत आज की एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन ने अपना नैतिक समर्थन दिया है। भोपाल मंडल के सचिव कमलेश परिहार द्वारा क्षेत्रीय श्रम आयुक्त को प्रेषित पत्र के अनुसार, हालांकि संघ इस हड़ताल में प्रत्यक्ष रूप से कार्य बंद कर भाग नहीं ले रहा है, लेकिन रेल कर्मचारियों की न्यायपूर्ण मांगों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए वह पूरी तरह साथ खड़ा है। इसी तारतम्य में आज मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, भोपाल के गेट पर भोजनावकाश के दौरान एक विशाल 'गेट मीटिंग' का आयोजन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। क्षेत्रीय श्रम आयुक्त द्वारा आयोजित वार्ता के लिए संघ की ओर से संयुक्त महासचिव मनोहर शहदादपुरी को अधिकृत किया गया है, जो कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखेंगे।

