जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने जबलपुर जिले की कटंगी तहसील अंतर्गत बेलखाडू के निकट सिमरिया-छपरी मार्ग महज कागज में बनाए जाने के रवैये को चुनौती पर शपथ पत्र पर जवाब-तलब कर लिया है। इस सिलसिले में राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। जनहित याचिकाककर्ता स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त प्रबंधक रामकिशन पटेल की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर 2018 में रोड स्वीकृत हुई थी। लेकिन बजाए भौतिक रूप से रोड का निर्माण करने के, महज कागजों पर रोड का निर्माण कर लिया गया। यही नहीं बोर्ड तक लगा लिया गया। इस वजह से राहगीर भटकने लगे। ग्राम पंचायत ग्रामीणों व आवेदक ने लगातार शिकायतें कीं। लेकिन कोई कारवाही नहीं। इसलिए जनहित याचिका दायर की गई। यह मामला शासकीय मद का बंदरबाट किए जाने से संबंधित है। ग्रामीण सड़क के अभाव में 15 किलोमीटर का चक्कर काटकर खेतों से होकर गंतव्य तक पहुंचने विवश हैं। यह भ्रष्टाचार की इंतेहा है।
जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने जबलपुर जिले की कटंगी तहसील अंतर्गत बेलखाडू के निकट सिमरिया-छपरी मार्ग महज कागज में बनाए जाने के रवैये को चुनौती पर शपथ पत्र पर जवाब-तलब कर लिया है। इस सिलसिले में राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। जनहित याचिकाककर्ता स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त प्रबंधक रामकिशन पटेल की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर 2018 में रोड स्वीकृत हुई थी। लेकिन बजाए भौतिक रूप से रोड का निर्माण करने के, महज कागजों पर रोड का निर्माण कर लिया गया। यही नहीं बोर्ड तक लगा लिया गया। इस वजह से राहगीर भटकने लगे। ग्राम पंचायत ग्रामीणों व आवेदक ने लगातार शिकायतें कीं। लेकिन कोई कारवाही नहीं। इसलिए जनहित याचिका दायर की गई। यह मामला शासकीय मद का बंदरबाट किए जाने से संबंधित है। ग्रामीण सड़क के अभाव में 15 किलोमीटर का चक्कर काटकर खेतों से होकर गंतव्य तक पहुंचने विवश हैं। यह भ्रष्टाचार की इंतेहा है।
