khabar abhi tak

जेनको ने 'राख' में बनाया रिकॉर्ड,नई तकनीक बनी कारगर


श्री सिंगाजी पावर प्लांट ने 210 ट्रकों से भेजी गई 7793 टन राख

जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के खंडवा स्थित श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह ने सूखी राख (ड्राई ऐश) के निपटारे में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्लांट ने एक ही दिन में 210 बल्कर ट्रकों के माध्यम से कुल 7793 मीट्रिक टन राख निजी कंपनियों को भेजकर अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह कदम पर्यावरण को सुरक्षित रखने और संसाधनों के सही इस्तेमाल की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

​सूखी राख के प्रबंधन में बड़ी कामयाबी

​पावर प्लांट की अलग-अलग इकाइयों (600 और 660 मेगावाट) से निकलने वाली राख को सही तरीके से मैनेज करना एक बड़ी चुनौती होती है। कंपनी ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इस राख को बल्कर ट्रकों के जरिए बाहर भेजा। यह बिजली घर की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें राख को बेकार फेंकने के बजाय उसका दोबारा उपयोग करने पर जोर दिया जाता है।

​पिछले साल के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन

​इस साल प्लांट के दोनों फेज ने शानदार काम किया है। फेज-1 से 143 ट्रकों में 5229 टन राख भेजी गई, जबकि पिछले साल इसी दौरान केवल 131 ट्रक ही भेजे जा सके थे। इसी तरह फेज-2 से भी 67 ट्रकों के जरिए 2563 टन राख का सुरक्षित निपटारा किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इंजीनियरों की कुशल निगरानी और बेहतर प्लानिंग की वजह से ही यह उपलब्धि हासिल हुई है।

​कहाँ और कैसे होता है राख का उपयोग

​यह सूखी राख निर्माण कार्यों के लिए बहुत कीमती मानी जाती है। इसका सबसे बड़ा उपयोग सीमेंट बनाने में होता है, जिससे कंक्रीट ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनती है। इसके अलावा, इस राख का इस्तेमाल ईंटें, टाइल्स, सड़क निर्माण और दीवारों पर होने वाली वाटरप्रूफ कोटिंग बनाने में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। इससे न केवल निर्माण की लागत कम होती है, बल्कि गुणवत्ता भी बढ़ती है।

​पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

​कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह और डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम ने इस सफलता पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि हाल ही में शुरू हुआ सीमेंट क्लिंकर प्लांट कंपनी की पर्यावरण के प्रति सोच का प्रमाण है। राख का सही निपटारा न केवल प्रदूषण को कम करता है बल्कि संसाधनों के प्रभावी उपयोग का भी बेहतरीन उदाहरण है। यह उपलब्धि कंपनी की पर्यावरण अनुकूल नीतियों की सफलता को साबित करती है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak