करेली के राम वार्ड में रहने वाले 15 लोगों से जुड़े इन परिवारों का स्वर्गीय नारायण दास नेमा के वारिसों के साथ जमीन के सीमांकन और अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा था। प्रशासन की ओर से पहले जो आदेश जारी हुए थे, उनके कारण इन परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इन आदेशों के खिलाफ 13 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। जिस पर फैसला आया। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने दलील दी कि प्रशासनिक स्तर पर उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया और प्रक्रिया में कई कानूनी कमियां थीं। हाईकोर्ट ने इन दलीलों को सही माना और कहा कि बिना ठोस वजह और पूरी सुनवाई के दिए गए आदेश सही नहीं माने जा सकते। इसी आधार पर अदालत ने 22 जुलाई 2022 और 19 जनवरी 2023 के पुराने आदेशों को खत्म कर दिया। हाईकोर्ट ने इस मामले को फिर से सुनवाई के लिए करेली एसडीओ के पास भेज दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाए और उसके बाद ही नया फैसला लिया जाए। तब तक मौके पर यथास्थिति बनी रहेगीए यानी जमीन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इस फैसले के बाद प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है।