केवल जुर्माना वसूल रहा उड़नदस्ता, अनाधिकृत यात्रियों को रोकने में नाकाम
जबलपुर। रेलवे के स्पष्ट नियमों के बावजूद पश्चिम मध्य रेलवे में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वेटिंग और स्लीपर टिकट वाले यात्री धड़ल्ले से एसी कोचों में सफर कर रहे हैं, जिससे आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। रेलवे बोर्ड के अनुसार वेटिंग या स्लीपर टिकट पर एसी कोच में प्रवेश वर्जित है, लेकिन इटारसी से मानिकपुर के बीच चलने वाली महानगरी, जनता, हावड़ा-मुंबई मेल और संघमित्रा एक्सप्रेस में स्थिति इसके उलट है। जनरल और स्लीपर टिकट लेकर चलने वाले यात्री, विशेषकर मंथली सीजन टिकट धारक, जनरल डिब्बों के बजाय सीधे एसी कोच में घुस जाते हैं। इससे प्रीमियम श्रेणी के डिब्बे भी जनरल कोच की तरह नज़र आने लगे हैं।
चेकिंग अभियान में ढिलाई और वसूली का खेल
आरोप है कि ट्रेनों में चलने वाला टीटीई उड़नदस्ता यात्रियों को अनाधिकृत प्रवेश से रोकने के बजाय केवल अपना 'मंथली जुर्माना टारगेट' पूरा करने में लगा है। यदि मदन महल, भेड़ाघाट या शाहपुरा भिटौनी जैसे स्टेशनों पर अचानक सघन चेकिंग की जाए, तो इस समस्या का समाधान तुरंत हो सकता है। हालांकि, वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने न जाने क्यों ऐसे बड़े चेकिंग अभियानों पर फिलहाल रोक लगा रखी है।
