
जबलपुर। भारतीय रेलवे में काम के बोझ को देखते हुए नए पदों के गठन की तैयारियां तेज हो गई है। रेलवे बोर्ड ने पश्चिम मध्य रेलवे समेत देश के सभी जोनल रेलवे से लेवल छह और लेवल सात के पदों को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी है। वर्तमान में इन पदों को बनाने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के पास विचाराधीन है।
आउटसोर्सिंग कार्यों की निगरानी
अब जोनल जोनल रेलवे को यह बताना होगा कि क्या लेवल छह और सात का काम फिलहाल बाहरी एजेंसियों से कराया जा रहा है। यदि हां, तो उनकी संख्या और उन्हें हटाने की ठोस वजह भी देनी होगी। रेलवे यह भी देख रहा है कि निचले स्तर (लेवल एक से पांच) पर होने वाले आउटसोर्सिंग कार्यों की निगरानी के लिए लेवल छह और सात के कितने सुपरवाइजरों की जरूरत है।
जीएम इसी माह रिपोर्ट सौंपेंगे
रेलवे बोर्ड ने सभी जनरल प्रबंधकों को इसी महीने अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है, ताकि वित्त मंत्रालय के साथ आगे की कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा बोर्ड ने सभी जोन से बोर्ड ने पिछले पांच वर्षों में शामिल किए गए नए इलेक्ट्रिक इंजनों और अन्य विद्युतीय संपत्तियों का डेटा मांगा है, ताकि इनके रखरखाव व संचालन के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जा सके।
इन पदों पर होनी है भर्ती
लेवल छह में ज्यादातर ग्रुप सी के सीनियर पद और जूनियर सुपरवाइजर शामिल होते हैं। इस स्तर पर सीधी भर्ती भी होती है और प्रमोशन के जरिए भी पद भरे जाते हैं। इसमें स्टेशन मास्टर, जूनियर इंजीनियर, कमर्शियल अप्रेंटिस, सीनियर सेक्शन कमर्शियल कम टिकट क्लर्क, सीनियर पैसेंजर गार्ड (अब सीनियर ट्रेन मैनेजर), रेलवे अस्पतालों में स्टाफ नर्स का पद शामिल है। वहीं, लेवल सात में रेलवे के सबसे ऊंचे ग्रुप सी (अराजपत्रित) पदों में से एक है। ये पद मुख्य रूप से वरिष्ठ पर्यवेक्षकों के होते हैं। सीनियर सेक्शन इंजीनियर, मुख्य टिकट निरीक्षक, चीफ कमर्शियल सुपरवाइजर, चीफ आफिस सुपरिटेंडेंट, सेक्शन आफिसर जैसे पद शामिल हैं। इन्हीं पदों पर भर्ती की जाएगी।