जबलपुर। मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारी एक बार फिर केंद्र के समान महंगाई भत्ते की मांग को लेकर मुखर हो गए हैं। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार से केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की पुरजोर मांग की है। वर्तमान में राज्य के लाखों कर्मचारी 3 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ते की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर से आदेश जारी न होने के कारण कर्मचारियों में हताशा बढ़ती जा रही है।
केंद्र से 3 प्रतिशत पीछे चल रहे राज्य के कर्मचारी
कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव और प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को जुलाई 2025 से ही 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता प्रदान कर रही है। इसके विपरीत, मध्य प्रदेश के शासकीय सेवकों को अभी भी केवल 55 प्रतिशत की दर से ही भुगतान किया जा रहा है। इस अंतर के कारण राज्य के कर्मचारी आर्थिक रूप से पिछड़ रहे हैं। संघ ने स्पष्ट किया है कि बढ़ती महंगाई के दौर में कर्मचारियों को उनके हक का लाभ तत्काल मिलना चाहिए।
होली से पहले सौगात और 8 माह के एरियर की मांग
आगामी होली उत्सव को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि त्योहार से पहले 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते का आदेश जारी किया जाए। इसके साथ ही, पदाधिकारियों ने यह भी मुद्दा उठाया है कि यह लाभ जुलाई माह से लंबित है, इसलिए कर्मचारियों को पिछले 8 महीनों का बकाया (एरियर) नकद भुगतान किया जाना चाहिए। संघ का कहना है कि एरियर का भुगतान न होने से कर्मचारियों को बड़ा वित्तीय नुकसान हो रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कर्मचारी नेताओं ने बुलंद की आवाज
इस मांग को लेकर जबलपुर जिला इकाई ने भी मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय, जिला सचिव देवेंद्र पचौरी और कोषाध्यक्ष आलोक अग्निहोत्री सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र प्रेषित किया है। मांग करने वालों में पूर्व जिला अध्यक्ष नरेश शुक्ला, रजनीश पांडेय, राजू मस्के, योगेन्द्र मिश्रा, रामदास वरकडे, राम शंकर शुक्ला, सतीश उपाध्याय, विनय नामदेव, राकेश उपाध्याय, राजा राम डेहरिया, अर्जुन सोमवंशी और सुशील गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन सभी नेताओं ने एक स्वर में लंबित महंगाई भत्ते और आठ माह के एरियर के त्वरित भुगतान की मांग दोहराई है।
