जबलपुर। नगर निगम द्वारा संपत्तियों के वास्तविक मूल्यांकन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ग्वारीघाट वार्ड स्थित 'मां नर्मदा मैरिज गार्डन' पर बड़ी कार्रवाई की गई है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देश पर राजस्व टीम ने जब इस गार्डन का औचक निरीक्षण किया, तो टैक्स चोरी का बड़ा मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि संपत्ति धारक शिव कुमार रघुवंशी द्वारा पूर्व में केवल 3,120 वर्ग फीट निर्मित क्षेत्र और 5,000 वर्ग फीट भूमि ही दर्ज कराई गई थी। हालांकि, मौके पर भौतिक सत्यापन करने पर वास्तविक क्षेत्रफल 81,992 वर्ग फीट पाया गया। क्षेत्रफल में इतनी भारी विसंगति मिलने पर निगम ने वर्ष 1997-98 से संपत्ति का पुनर्मूल्यांकन किया और संचालक को 38,49,121 रुपये बकाया टैक्स जमा करने का नोटिस थमाया है। निगमायुक्त ने शहर के सभी होटल, बारात घर, अस्पताल और व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालकों को चेतावनी दी है कि वे स्वयं अपने प्रतिष्ठानों की सही पैमाइश कराकर टैक्स जमा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि टैक्स चोरी करने वालों पर भविष्य में भी ऐसी ही कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
जबलपुर। नगर निगम द्वारा संपत्तियों के वास्तविक मूल्यांकन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ग्वारीघाट वार्ड स्थित 'मां नर्मदा मैरिज गार्डन' पर बड़ी कार्रवाई की गई है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देश पर राजस्व टीम ने जब इस गार्डन का औचक निरीक्षण किया, तो टैक्स चोरी का बड़ा मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि संपत्ति धारक शिव कुमार रघुवंशी द्वारा पूर्व में केवल 3,120 वर्ग फीट निर्मित क्षेत्र और 5,000 वर्ग फीट भूमि ही दर्ज कराई गई थी। हालांकि, मौके पर भौतिक सत्यापन करने पर वास्तविक क्षेत्रफल 81,992 वर्ग फीट पाया गया। क्षेत्रफल में इतनी भारी विसंगति मिलने पर निगम ने वर्ष 1997-98 से संपत्ति का पुनर्मूल्यांकन किया और संचालक को 38,49,121 रुपये बकाया टैक्स जमा करने का नोटिस थमाया है। निगमायुक्त ने शहर के सभी होटल, बारात घर, अस्पताल और व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालकों को चेतावनी दी है कि वे स्वयं अपने प्रतिष्ठानों की सही पैमाइश कराकर टैक्स जमा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि टैक्स चोरी करने वालों पर भविष्य में भी ऐसी ही कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
