जबलपुर। जबलपुर में साइबर अपराधियों ने एक दुस्साहसिक कदम उठाते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) महाकौशल प्रांत के सैकड़ों व्हाट्सएप ग्रुप्स को निशाना बनाया है। ठगों ने न केवल इन ग्रुप्स पर कब्जा कर लिया, बल्कि संगठन की पहचान मिटाकर वहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का नाम और लोगो लगा दिया। इस घटना के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया है और मामला साइबर सेल तक पहुंच चुका है।
नाम बदलकर बनाया फर्जी एडमिन, लिंक भेजकर जाल बिछाने की कोशिश
साइबर ठगों ने विहिप के इन ग्रुप्स की प्रोफाइल फोटो (जिसमें हनुमान जी की तस्वीर लगी थी) को हटाकर एसबीआई की फोटो लगा दी। विहिप पदाधिकारी पंकज कुमार के अनुसार, "विहिप महाकौशल" और अन्य जिलों के ग्रुप्स के नाम अचानक बदल गए। आश्चर्यजनक रूप से, हैकर्स ने कई अज्ञात नंबरों को ग्रुप में जोड़कर उन्हें एडमिन बना दिया, जबकि कुछ पुराने कार्यकर्ताओं को भी उनकी जानकारी के बिना एडमिन की शक्तियां दे दी गईं। इन ग्रुप्स में संगठन की गतिविधियों के बजाय अब संदिग्ध लिंक साझा किए जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जैसे ही कोई इन लिंक्स पर क्लिक करता है, विज्ञापन और फर्जी वेबसाइट्स खुलने लगती हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन लिंक्स के जरिए मोबाइल का एक्सेस लेकर बैंकिंग फ्रॉड को अंजाम देने की योजना है।
साइबर सेल में शिकायत: पुलिस ने जारी की 'डिजिटल सेफ्टी' एडवाइजरी
घटना की गंभीरता को देखते हुए विहिप के पंकज कुमार सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जबलपुर साइबर सेल में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। संगठन ने अपने सभी सदस्यों को अलर्ट जारी करते हुए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और संदिग्ध ग्रुप से तुरंत बाहर निकलने की अपील की है। एएसपी आयुष गुप्ता ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि साइबर ठग अब सोशल मीडिया ग्रुप्स की पहचान बदलकर लोगों का भरोसा जीतने का नया तरीका अपना रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर किसी भी अनजान ग्रुप में शामिल न हों। यदि कोई लिंक संदिग्ध लगे, तो उस पर क्लिक न करें, क्योंकि इससे आपकी बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है और खाते से पैसे गायब हो सकते हैं।

