पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीले कफ सिरफ की इस खेप के तार कुख्यात तस्कर अनूप जायसवाल उर्फ जस्सा के नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। पूछताछ में सामने आया कि तस्करी कर लाई गई कफ सिरप को पिकअप वाहनों के जरिए मडफ़ई लाकर जंगल किनारे स्थित मकान में स्टोर किया जाता था। गिरफ्तार की गई महिला की पहचान चौरसिया देवी साकेत के रूप में हुई है। तस्करों ने उसके घर को अस्थायी गोदाम बना रखा था। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर मकान का ताला तुड़वाया तो भीतर कफ सिरप की पेटियों का बड़ा जखीरा मिला। पूछताछ में चौरसिया देवी ने बताया कि भुरहरा गांव के मनीष यादव व शैलेंद्र गुप्ता उर्फ टिंकू उसके घर में ये पेटियां रखवाते थे। माल घर में रहने के दिनों के हिसाब से उसे रोजाना भुगतान किया जाता था। पुलिस ने सूचना के आधार पर मनीष और शैलेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि उनके साथ काम करने वाले तीन अन्य लोग मौके से फरार हो गएए जिनकी तलाश जारी है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें मोबाइल फोन पर अलग-अलग नंबरों से डिलीवरी व मूवमेंट के निर्देश मिलते थे। उचेहरा व नागौद क्षेत्र में पहले से डंप की गई पेटियों को पिकअप वाहनों में लोड कर मडफ़ई लाया जाता था। इसके बाद सप्लाई की जाती थी।