जबलपुर। जबलपुर के राइट टाउन स्थित 'खटवानी सेल्स एंड सर्विस' के संचालक रोहित खटवानी पर कानूनी शिकंजा कसने के बाद वह फरार हो गया है। ईओडब्ल्यू ने चार साल की लंबी जांच के बाद जिला न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया, जिसमें खटवानी को वाहनों के जाली दस्तावेज तैयार करने और शासन को राजस्व की हानि पहुँचाने का दोषी पाया गया है। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोप पत्र पेश होने के बावजूद रोहित खटवानी हाजिर नहीं हुआ। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर अभी सुनवाई होनी बाकी है। आशंका जताई जा रही है कि खटवानी ने कई अन्य ग्राहकों के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की होगी। हालांकि,पुलिस टीम दबिश दे रही है।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का खेल
इस पूरे घोटाले का खुलासा एक वाहन स्वामी, किशोर नायडू की मौत के बाद हुआ। किशोर ने 23 अक्टूबर 2019 को शोरूम से एक मोपेड खरीदी थी, जिसकी 30 अक्टूबर 2019 को सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई.ल। जब परिजनों ने बीमा क्लेम किया, तो पता चला कि बीमा और आरटीओ दस्तावेज जाली हैं, जिसके कारण दावा खारिज कर दिया गया। जांच में सामने आया कि किशोर की मृत्यु के बाद 4 नवंबर 2029 (संभावित लिपिकीय त्रुटि, मूलतः 2019) को शोरूम ने फर्जी इनवॉइस और बीमा पत्रों के जरिए आरटीओ में मोपेड का पंजीयन कराया था।
जालसाजी के लिये सॉफ्टवेयर में हेराफेरी
ईओडब्ल्यू की जांच में रोहित खटवानी की धोखाधड़ी के कई तरीके सामने आए हैं। खटवानी एक ही विक्रय पत्र और बीमा प्रति का उपयोग कर दो अलग-अलग वाहनों का आरटीओ रजिस्ट्रेशन करा लेता था। शोरूम के कंप्यूटर और हार्डडिस्क के तकनीकी परीक्षण से पुष्टि हुई कि सॉफ्टवेयर के माध्यम से तारीखों में हेराफेरी कर जाली दस्तावेज तैयार किए जाते थे। एक ही बीमा और कागजात पर दो गाड़ियां चलाकर खटवानी टैक्स की चोरी कर रहा था और सरकार को राजस्व का नुकसान पहुँचा रहा था।
