बताया गया है कि बनपाडर गांव में रहने वाली सरिता शर्मा के घर देर रात परिवार के ही प्रमोद पांडे, ऋ षभ पांडे, श्रद्धा पांडे, राम गणेश शर्मा और रमाकांत शर्मा घर में घुस आए। जमीन विवाद को लेकर गालीगलौज करने लगे। बेटे आकाश ने आपत्ति जताई तो तलवार और टांगी से हमला कर दिया। सरिता शर्मा ने बचाने की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद धमकी देते हुए भाग गए। शोर सुनकर आसपास के लोग आ गए। इसके बाद महिला थाना पहुंची तो एसआई ज्ञानेंद्र पटेल ने भौजाई कहकर मेरा मजाक उड़ाया और थाने से भगा दिया। महिला ने यह भी कहा कि आरोपियों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उनके पिता अपने हिस्से की जमीन बेच चुके हैं। अब वे हमारी जमीन से हिस्से की मांग कर रहे हैं। तहसील में पेशियां होती हैं। कुछ दिन पहले पेशी के दौरान आरोपियों ने मेरे जेठ को बल्ला और हॉकी से मारा था। मेरे पति और बेटे ने विरोध किया। जेठ को बचाया। तब से ही वे मौका ढूंढ रहे थे और घर में घुसकर हमला किया। सरिता ने बताया कि उन्होंने कई बार मऊगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे उनके हौसले बुलंद हैं। न कलेक्टर सुन रहे हैंए न एसपी।
टीआई बोले- किसने भौजाई कहा, पता नहीं-
मऊगंज थाने के टीआई संदीप भारतीय ने कहा कि बीट प्रभारी एसआई ज्ञानेंद्र पटेल बनपाडर गांव में विवेचना करने पहुंचे थे। लेकिन महिला को किसने भौजाई कहा है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। वहीं एएसपी विक्रम सिंह ने कहा. बनपाडर गांव में दो पक्षों के बीच जमीन का मामला सिविल कोर्ट में चल रहा है। सरिता शर्मा के बयान के आधार पर प्रमोद पांडे, ऋ षभ पांडे, राम गणेश शर्मा और रमाकांत शर्मा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसआई बोले, महिला के आरोप निराधार-
वहीं एसआई ज्ञानेंद्र पटेल ने बताया कि वे तहसील में मारपीट की घटना की जांच करने बनपाडर गांव गए थे। यहां आरोपी पक्ष के बयान दर्ज कर नक्शा-मौका बनाया जा रहा था। इसी दौरान सरिता और उनके पति वहां पहुंच गए और शोर-शराबा करने लगे।