जबलपुर। सामाजिक न्याय के पुरोधा और मंडल आंदोलन के प्रखर नायक, पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की पुण्यतिथि जबलपुर में पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। स्थानीय घंटाघर स्थित कॉफी हाउस में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में समाज के हर वर्ग ने शिरकत की। इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए, शरद यादव की प्रतिमा स्थापना के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया और इसके लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया गया।
सामाजिक न्याय के प्रतीक को दी गई भावांजली
सभा में उपस्थित बुद्धिजीवियों, पत्रकारों, वकीलों और डॉक्टरों ने शरद यादव को "मंडल मसीहा" के रूप में याद किया। वक्ताओं ने कहा कि शरद यादव ने अपना पूरा जीवन पिछड़ों, दलितों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित कर दिया। उन्होंने सत्ता की राजनीति के बजाय सिद्धांतों और वैचारिक प्रतिबद्धता को सर्वोपरि रखा। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि आज के दौर में भी उनके विचार और समतामूलक समाज का उनका सपना बेहद प्रासंगिक है।
प्रतिमा स्थापना हेतु कमेटी का गठन
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण शरद यादव की स्मृति को चिरस्थायी बनाने का संकल्प रहा। सभा में मौजूद सभी सदस्यों ने एक स्वर में जबलपुर में उनकी मूर्ति स्थापित करने की मांग रखी। इसके लिए तत्काल एक कमीनी बनाई गई जो जल्द ही प्रशासन को प्रस्ताव सौंपेगी। उपस्थित लोगों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शरद जी के संघर्षों से प्रेरणा लें और सामाजिक समानता के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए
श्रद्धांजलि सभा में शहर के गणमान्य नागरिक और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।बैजनाथ कुशवाहा, रामरतन यादव, देवेश चौधरी, घनश्याम यादव, यादव महासभा प्रदेश अध्यक्ष भरत सिंह यादव, राधेश्याम अग्रवाल, रविंद्र दुबे छोटू, गंगाचरण मिश्रा, इफ्तिखार अहमद, मुन्ना भैया, प्रशांत चौरसिया, डॉक्टर मुस्ताक मंसूरी, नोखेलाल प्रजा, वृंदावन वर्मा, अमित पांडे, गोपाल हुक, प्रहलाद बौद्ध, एडवोकेट अनुराग सिंह, एडवोकेट सुधीर शर्मा, विनोद पटेल, रामराज पटेल, सुबोध रिछारिया, फूलचंद पालीवाल, अंशुमान शुक्ला, प्रदीप यादव, संत राम कुशवाहा, जितेंद्र यादव, अशोक यादव, हारून पहलवान, रामदास यादव, राजेंद्र पिल्ले, उमाशंकर दुबे, अमरजीत सिंह सग्गू, रमेश बोहित, धर्मेंद्र कुशवाहा, मुरलीधर राव, शैलेश लोधी, इंद्र कुमार कुलस्ते, देवेंद्र यादव, भगवान दास पटेल, संजय सेन, मनोज बाघमारे, अमृतलाल नागर, उदय चंद्र कुशवाहा, शकील अहमद, संतराम पटैल, विनायक साह, मोहम्मद मेहंदी, बृजनंदन सिंह, अरविंद पैगवार, सोमवारू कोल, नीलकंठ यादव, शंकर सतनामी, विनय भगत, प्रमोद चौरसिया, अनिल वंशकार, जगदीश नन्हेट, मुरारी लाल चक्रवर्ती, अनिल यादव, सुंदर बाबा, लाला विश्वकर्मा, शकील अहमद, भूपेंद्र सिंह, बृजनंदन कुशवाहा, अरविंद कुशवाहा, महेश चौधरी, शंकर सतनामी, इंजीनियर सत्येंद्र नेमा, आशीष मिश्रा, दीपेंद्र दुबे एवं विवेक अहिरवार आदि के नाम प्रमुख हैं। सभा के अंत में सभी उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया।
