khabar abhi tak

पेवर ब्लॉक्स की जगह चल रहा था मिक्सर प्लांट, हाईकोर्ट ने खारिज की व्यापारी की याचिका


जबलपुर। 
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने औद्योगिक भूखंडों के दुरुपयोग के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जिस उद्देश्य के लिए जमीन आवंटित की गई है, उसका उपयोग उसी कार्य के लिए होना अनिवार्य है। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने रायसेन के एक व्यापारी की याचिका को खारिज करते हुए प्रशासन द्वारा की गई बेदखली की कार्रवाई को उचित ठहराया है।

क्या था पूरा मामला

 रायसेन के व्यवसायी अथर हुसैन की फर्म 'नंदोरा ग्रुप' को 13 जुलाई 2017 को मण्डीदीप औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 30 हजार वर्ग फुट जमीन आवंटित की गई थी। इस जमीन का आवंटन विशेष रूप से प्रीकास्ट वॉल्स और सीमेंट पेवर ब्लॉक्स की यूनिट स्थापित करने के लिए किया गया था। इस संबंध में 3 फरवरी 2018 को भोपाल नगर निगम के साथ लीज का निष्पादन भी हुआ था।

निरीक्षण में खुली पोल

​विवाद तब शुरू हुआ जब संबंधित अधिकारियों ने उक्त जमीन का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि जिस स्थान पर पेवर ब्लॉक्स का निर्माण होना था, वहां नियमों के विरुद्ध एक कंक्रीट सीमेंट मिक्सर प्लांट संचालित किया जा रहा था। इस विसंगति को देखते हुए प्रशासन ने पहले व्यवसायी को 60 दिनों के भीतर प्लांट बंद करने के निर्देश दिए। जब निर्देशों का पालन नहीं हुआ, तो एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन  के एमडी ने लीज निरस्त कर बेदखली की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसी कार्रवाई को व्यापारी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

कोर्ट का फैसला,राज्य सरकार का पक्ष

​सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता राजवर्धन दत्त पड़रहा ने पक्ष रखा। कोर्ट ने सभी दलीलों को सुनने के बाद कहा कि चूंकि लीज निरस्तीकरण का आदेश अंतिम रूप ले चुका है, इसलिए बेदखली की कार्रवाई पर सवाल उठाने का अब कोई कानूनी आधार नहीं है। कोर्ट ने मामले को हस्तक्षेप योग्य न मानते हुए याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया।

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak