रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा जिला अदालत परिसर में सोमवार 19 जनवरी को वकीलों और पुलिस के बीच जमकर विवाद हो गया. सायरन बजाते हुए कैंपस में घुसी यातायात पुलिस पर आपत्ति जताते हुए वकीलों ने कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया. इस दौरान हालात इतने बिगड़ गये कि वकीलों ने पुलिस कर्मियों को धक्का देकर परिसर से बाहर खदेड़ दिया. वकीलों का कहना था पुलिस द्वारा किस अधिकार से कोर्ट कैंपस में सायरन बजाकर प्रवेश किया गया और चालानी कार्रवाई की चेतावनी दी गई.
रीवा कोर्ट परिसर में वकीलों और यातायात पुलिस के बीच काफी तनातनी देखने को मिली. घटना सोमवार दोपहर 1 बजे की है. कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यातायात थाना प्रभारी एनीमा शर्मा और अन्य पुलिसकर्मी सायरन बजाते हुए अचानक कैंपस के भीतर दाखिल हो गए. पुलिस ने वाहनों को पार्किंग खड़े नहीं करने पर चालानी कार्रवाई की चेतावनी दी. इस दौरान कोर्ट में मौजूद वकीलों ने इसे न्यायालय की गरिमा और नियमों का उल्लंघन बताया. देखते ही देखते वकील आक्रोशित हो गए और पुलिस कर्मियों से तीखी बहस शुरू हो गई.
पुलिस व वकीलों के बीच धक्का-मुक्की
स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब वकीलों व पुलिस के बीच बहस के बाद धक्का-मुक्की होने लगी. गुस्साए वकीलों ने पुलिस कर्मियों को धक्का देकर कोर्ट परिसर से बाहर निकाल दिया और मैन गेट में तला जड़ दिया. इस दौरान कोर्ट परिसर में कामकाज ठप रहा और तनाव का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की. वकीलों ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में बिना अनुमति कोर्ट कैंपस में पुलिस की इस तरह की एंट्री हुई तो आंदोलन किया जाएगा.
ज्यूडिशियरी और अधिवक्ता संघ के बीच बनी सहमति
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पांडे ने बताया कि ज्यूडिशियरी हमारी सभी मांगे मानने के लिए तैयार है. 22 जनवरी तक अगर मांगें पूरी नहीं होती तो आगे क्या करना है, इस बारे में विचार करेंगे. बिजली और पेयजल के अलावा अन्य समस्याएं वकीलों ने रखी हैं. नया सेटअप होने में समय लगता है. न्यायालय के उद्घाटन में जल्दबाजी की गई, जिसके चलते समुचित व्यवस्थाएं नहीं हो पाई हैं. ज्यूडिशरी का कहना है बिना अनुमति अब कोर्ट कैम्पस मे पुलिस प्रवेश नहीं करेंगी.
