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चहेते को कुर्सी देने पर जोर, पशुपालन विभाग के अधिकारी को सौंपने की चर्चा


वेटरनरी यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार की कुर्सी को लेकर अफसरों के बीच दौड़ हुई तेज

जबलपुर। नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी  में रजिस्ट्रार के महत्वपूर्ण पद को लेकर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच ज़ोरदार प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। यह दौड़ इतनी तेज हो गई है कि दावेदार इन दिनों पशुपालन मंत्री के कार्यालय से लेकर भोपाल मुख्यालय तक लगातार चक्कर काट रहे हैं। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों के साथ-साथ पशुपालन विभाग के अधिकारी भी इस प्रतिष्ठित कुर्सी के लिए मुख्य दावेदारों में शामिल हैं। विभाग के अधिकारी अब इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हुए इस पद पर अपनी नियुक्ति के लिए पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। इस खींचतान के बीच, यूनिवर्सिटी में अलग-अलग कॉलेजों के प्रोफेसरों और वेटरनरी विभाग के अधिकारियों के बीच भी खूब अंदरूनी चर्चाएँ चल रही हैं।

  आदेश के इंतजार में स्टाफ,चर्चाओं का दौर तेज

​रजिस्ट्रार पद पर नए अधिकारी की संभावित तैनाती को लेकर यूनिवर्सिटी का स्टाफ भी संशय और बेचैनी की स्थिति में है। कार्यालय का स्टाफ वर्तमान अधिकारी के रुख को लेकर भी आशंकित है। माना जा रहा है कि उच्च स्तर पर 'किसी को मना नहीं करने' की नीति अपनाई जा रही है, जिससे हर दावेदार को उम्मीद बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, मुख्य सचिव कार्यालय में भी इस संबंध में चर्चा हुई है, और कर्मचारियों को कुछ दिनों में आदेश आने का इंतजार करने को कहा गया है।मुख्य दावेदार प्रोफेसर और अधिकारी एक-दूसरे के हर कदम की जानकारी रख रहे हैं और अपने चहेतों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

नए नामों पर भी चल रही है गोपनीय पड़ताल

​रजिस्ट्रार की कुर्सी चाहने वाले प्रोफेसरों और अधिकारियों के अलावा कुछ नए नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गोपनीय पड़ताल भोपाल, मऊ और रीवा में की जा रही है। हालांकि, नए नामों को लेकर अभी किसी अधिकारी की ओर से कोई पुष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन अंदरूनी खबर है कि इस बार यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग के अधिकारी को ही सौंपी जा सकती है। इससे यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों के बीच थोड़ी निराशा का माहौल है। जूते-चप्पल घिस रहे इन दावेदारों को अब बस आधिकारिक आदेश का इंतजार है।

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