रीवा। एमपी के रीवा स्थित ग्राम गढ़ में चने की भाजी खाने के बाद किसान की मौत हो गई। वहीं पत्नी और बेटी गंभीर रूप से बीमार हो गईं। पत्नी का दावा है कि नकली रसायन किसी दुकानदार ने अच्छी पैदावार और कीड़े न लगने की बात बताकर दी थी।
बताया गया है कि गांव की रहने वाली श्याम कली कोल खेत से चने की भाजी तोड़कर घर लाई थीं। रात करीब 9 बजे भाजी पकाकर परिवार ने भोजन किया। खाने वालों में शंकर कोल उर्फ बंटी पिता हिंगलाल कोल, उनकी पत्नी श्याम कली व पुत्री साधना शामिल थीं। भोजन के करीब एक घंटे बाद ही तीनों की तबीयत बिगडऩे लगी। रात 10 बजे से उल्टी-दस्त शुरू हो गए। हालत गंभीर देख परिजन उन्हें स्थानीय डॉक्टरों के पास ले गए। जहां पर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को तत्काल रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर दो दिन इलाज के बाद पत्नी और बेटी की हालत में सुधार हुआ और उन्हें घर भेज दिया गया। वहीं शंकर कोल की तबीयत फिर बिगड़ गई। परिजन उन्हें दोबारा संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान आज शंकर कोल की मौत हो गई। संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि चने की फसल में अज्ञात रासायनिक दवा का छिड़काव किया गया था। जिसकी जानकारी परिवार को नहीं थी। वो इसे किसी कृषि और खाद-बीज स्टोर से खरीद कर लाए थे। उसी भाजी के सेवन से फूड पॉइजनिंग हुई जो शंकर कोल की मौत का कारण बनी। वहीं एक बार फिर हालत बिगडऩे पर महिला और उसकी बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।