जबलपुर। सिंगरौली जिले में रिलायंस कंपनी के सासन पावर प्रोजेक्ट द्वारा फैलाई जा रही औद्योगिक गंदगी अब किसानों के लिए अभिशाप बन गई है। सासन पावर के ऐश डैम से हो रहे जहरीले रिसाव के कारण आसपास की उपजाऊ जमीनें तेजी से बंजर हो रही हैं। इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है और संयुक्त जांच के आदेश दिए हैं।
आरोप:2012 से जारी है रिसाव
यह मामला सिंगरौली के तियारा क्षेत्र स्थित ग्राम हरहवा का है। यहां के पीड़ित किसान कृष्णदास शाह, तुलसीदास शाह, सुनील प्रभाकर और रामकृपाल शाह ने साल 2022 में हाईकोर्ट की शरण ली थी। किसानों का आरोप है कि साल 2012 से लगातार हो रहे रिसाव और कोयले की राख युक्त दूषित पानी ने उनकी आजीविका छीन ली है। जहरीले तत्वों के कारण मिट्टी की उर्वरक शक्ति खत्म हो गई है और फसलें पूरी तरह बर्बाद हो रही हैं।
रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई
जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंगरौली कलेक्टर को स्वयं मौके पर जाकर 'स्पॉट इंफेक्शन' करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए 45 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने की मोहलत दी है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता महेश प्रसाद शुक्ला, राज्य सरकार से उप महाधिवक्ता श्वेता यादव और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सिद्धार्थ सेठ उपस्थित रहे। वहीं रिलायंस की ओर से हिमांशु शुक्ला ने पक्ष रखा। अब 45 दिन बाद आने वाली रिपोर्ट तय करेगी कि क्या किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा और इस प्रदूषण से मुक्ति मिल पाएगी।
