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पुराने शिक्षकों को हटाए बिना नई भर्ती, शिक्षा विभाग पर उठे सवाल

 


वर्षों से कार्यरत शिक्षकों ने जताई नाराज़गी, नियमों की अनदेखी का आरोप, डीपीसी के जनशिक्षक-बीएससी की भर्ती आदेश पर विवाद

जबलपुर। शिक्षा विभाग में जनशिक्षकों और बीएससी की भर्ती को लेकर जारी प्रक्रिया ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जिला परियोजना समन्वयक द्वारा जारी सूचना के अनुसार जनशिक्षकों के 59 और बीएससी के 26 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। लेकिन इस घोषणा के साथ ही वर्षों से कार्यरत कई शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज कराई है। शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2019 में दोनों पदों पर भर्ती हुई थी, लेकिन कई पद खाली रह गए। नतीजतन, विकासखण्डों में बड़ी संख्या में शिक्षक 4 से 10 वर्ष तक सेवा दे रहे हैं। वर्तमान में 9 ब्लॉकों में 45 बीएससी और 63 शिक्षा केन्द्रों में 126 जनशिक्षक कार्यरत हैं। नियम स्पष्ट है कि नई नियुक्तियों से पहले तैनात शिक्षकों को हटाया जाना चाहिए, लेकिन इस बार इस नियम की अनदेखी की जा रही है।

शिक्षकों का आक्रोश बढ़ा, कार्रवाई न हुई तो कोर्ट जाएंगे

कई शिक्षकों ने बताया कि वे वर्षों से नियमित नियुक्ति की उम्मीद में कार्य करते आ रहे हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण न तो उन्हें अवसर मिला और न ही उनके अनुभव को प्राथमिकता दी जा रही है। कई शिक्षकों ने आरोप लगाया कि विभाग रिक्त पदों पर भर्ती कर रहा है, जबकि पुराने तैनात शिक्षकों को हटाने या समायोजन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। विवाद का एक और मुद्दा शिक्षकों की आयु सीमा से जुड़ा है। कई शिक्षकों ने कहा कि उनकी आयु का आकलन जनवरी 2026 को आधार मानकर किया गया है, जिससे वे भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।

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