कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई शुरू, जल्दी और नाम आएंगे सामने
जबलपुर। जिले में अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति कॉलोनी काटकर आम नागरिकों को ठगने वाले भू-माफियाओं पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कॉलोनी निर्माण करने वाले सात कॉलोनाइजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के कड़े आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर के इन आदेशों के बाद संबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे तुरंत पुलिस थाने जाकर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करें। प्रशासन की इस कार्रवाई से उन कॉलोनाइजर्स में हड़कंप मच गया है जो बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और डायवर्सन के धड़ल्ले से खेती की जमीनों पर प्लॉट बेच रहे थे।
नियम ताक पर सैकड़ों प्लॉट बेच डाले
कलेक्टर कार्यालय की कॉलोनी सेल के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी के अनुसार, इन सातों दोषियों ने नियमों को ताक पर रखकर सैकड़ों भूखंड बेच दिए हैं। इन सभी के खिलाफ मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम तथा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में कुल 98 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं, जिनमें से 10 के खिलाफ अब तक एफआईआर के आदेश हो चुके हैं। शेष अवैध निर्माणों पर भी जल्द ही इसी तरह की गाज गिर सकती है।
इन पर गिरी है कार्रवाई की गाज
- कुँवरलाल पटेल एवं फूल सिंह: इन्होंने पिपरिया बनियाखेड़ा में क्रमशः 82 और 80 अवैध भूखंडों का विक्रय किया है।
- आशीष कुमार पटेल: पिपरिया बनियखेड़ा में 66 भूखंडों की अवैध प्लाटिंग की।
- मोहम्मद जिया उल हक: ग्राम खजरी में 30 भूखंड बेचकर अवैध कॉलोनी बसाई।
- गौरव शर्मा: पनागर के झुरझुरु में 27 भूखंडों का विक्रय किया।
- राजकुमार साहू एवं संतोष गुप्ता: इन्होंने कुंडम और पनागर क्षेत्रों में क्रमशः 26 और 17 प्लॉट बेचे हैं।
