नई दिल्ली/बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल हादसे की सीआरएस की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद बिलासपुर के डीआरएम राजमल खोईवाल और प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजीव कुमार बरनवाल को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर वेस्टर्न रेलवे के उमेश कुमार को डीआरएम बनाया गया है।
इस हादसे के बाद रेल मंत्रालय ने रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ब्रजेश कुमार मिश्रा को हादसे की जांच का जिम्मा सौंपा था। सीआरएस की 30 पेज की विस्तृत प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेन संचालन में गंभीर चूक, सिग्नल नियमों की अनदेखी, लोको पायलट के गलत निर्णय क्षमता और रेलवे सिस्टम की कई तकनीकी खामियों की वजह से हादसा हुआ है।
रेलवे बोर्ड ने किया डीआरएम और पीसीईई का ट्रांसफर
इस बीच सीआरएस बीके मिश्रा ने जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड भेजी। इस रिपोर्ट में कई खामियां गिनाई गई हैं। बोर्ड से रिपोर्ट मिलने के साथ ही गुरुवार (11 दिसंबर) को सबसे पहले डीआरएम बिलासपुर राजमल खोईवाल को हटाने का आदेश जारी किया। उनके स्थान पर वेस्टर्न रेलवे के उमेश कुमार को बिलासपुर का डीआरएम बनाया गया है। उसके बाद प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजीव बरनवाल का तबादला आदेश जारी कर ईस्ट सेंट्रल रेलवे भेजा गया। उनके स्थान पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे के प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर आरके चौधरी का तबादला साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे बिलासपुर किया गया है। इससे पहले मामले में प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर सुबोध चौधरी और सीनियर डीओपी मसूद आलम को हटाया जा चुका है।
रेल हादसे में 12 यात्रियों की हुई थी मौत
बता दें कि 4 नंवबर को गेवरारोड से बिलासपुर आ रही बिलासपुर स्टेशन से 6 किलोमीटर पहले लालखदान में खड़ी मालगाड़ी को जबरदस्त टक्कर मार दी थी। इस हादसे में लोको पायलट समेत 12 यात्रियों की मौत हो गई थी। जबकि, 20 से अधिक यात्री घायल हो गए थे।
