पेंशनर्स ने 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा,कमिश्नर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
जबलपुर। प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष एपी अवस्थी ने किया। उनके साथ बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे। कमिश्नर कार्यालय के समक्ष हुए इस प्रदर्शन में पेंशनर्स ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे संभाग में आंदोलन तेज किया जाएगा। कहा गया कि कि पेंशनरों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं और कई बार निवेदन के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। पेंशनर्स ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर वे प्रदेश स्तर पर भी आंदोलन का रुख अपनाने को तैयार हैं। एसोसिएशन ने बताया कि अधिकारियों को दिए गए ज्ञापन में मांगों का तत्काल निराकरण नहीं होने पर वे भोपाल में भी चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
पेंशनर्स की पाँच प्रमुख मांगें
4.5 लाख तक की पेंशन वालों को केंद्र की तर्ज पर 3% महंगाई राहत का भुगतान नियमित रूप से किया जाए।
मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) के अनुसार पेंशनरों की फाइलों का शीघ्र निपटान किया जाए।
पेंशन के साथ 2000 रुपये मासिक चिकित्सा भत्ता दिया जाए।
वर्ष 2019 से लंबित महंगाई भत्ता (DA) का भुगतान तुरंत किया जाए, जिसे रोके जाने से पेंशनर्स आर्थिक संकट झेल रहे हैं।
पेंशनर व परिवार पेंशनर की मृत्यु पर आश्रितों को मिलने वाली राशि का तत्काल भुगतान, केंद्रीयकृत प्रक्रिया और सभी बकाया मामलों का निपटान तत्काल किया जाए।प्रदर्शन में एमएस पांडेय, एचएस जैन, गोरीशंकर पांडेय, एसके अंसारी, डॉ. एसपी सिंह, श्रवण कुमार श्रीवास्तव, प्रकाश गर्ग व देवेंद्र श्रीवास्तव सहित विभिन्न पदाधिकारी और पेंशनर्स शामिल रहे। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द निर्णय लेगी, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
