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आपस की बातों से खुली ज़िंदगी की हकीकत

 


विवेचना के 31 वें राष्ट्रीय नाट्य समारोह का चौथा दिन,नाटक ’आपस की बातें’ का मंचन

जबलपुर। विवेचना के 31 वें राष्ट्रीय नाट्य समारोह के चौथे दिन अंक मुम्बई  के कलाकारों ने ’आपस की बात’ के बहाने बहुत मनोरंजक तरीके से आम जीवन की परतें खोलीं। नाटक की चारों कहानियां हमारे आसपास की दुनिया की कहानी कहती है। कोई शोषित है तो कोई शोषक। मगर जो एक जगह शोषित है वो दूसरी जगह शोषक है। ये सिलसिला दुनिया में चला आ रहा है और चेखोव ने इस बात को कहानियों में पिरो दिया है। अंक के कलाकारों ने इसे बहुत रोचक तरीके से पेश किया और खूब हंसाया।सुप्रसिद्ध, वरिष्ठ नाटककार, रंगमंच और सिनेमा अभिनेता और निर्देशक दिनेश ठाकुर ने प्रसिद्ध रूसी लेखक एंटोन चेखोव की कहानियों को रूपांतरित करके “आपस की बात“ नामक एक मनोरंजक नाटक प्रस्तुत किया। इसमे चार कहानियां हैं। इन कहानियां के बीच लेखक भी है जो कहानियों को आपस में जोड़ता है और दर्शकों से बातचीत भी करता है। 

- क्या कहते हैं कहानियों के किरदार

पहली कहानी, मिली और मालकिन में, मालकिन अपनी नौकरानी मिली से बात करती है-कमजोर वर्ग के शोषण का एक आदर्श उदाहरण, लेकिन क्या जो कुछ दिखता है वह सच है? क्या मिली शोषित है या मालकिन भी कहीं किसी जगह शोषित है ? दूसरी कहानी, ’औरतों को फंसाने वाला आदमी में’ सुमित अपनी हवस की वस्तु रीता को उसके ही पति निखिल के ज़रिए लुभाने की कोशिश करता है- शोषण अपने चरम पर! तीसरी कहानी, ’पानी में डूबने वाला आदमी में’ एक अनजान आदमी समुद्र तट पर प्रकट होता है, जो कुछ पैसे कमाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर लेखक को अपने मनोरंजन का अनूठा ब्रांड बेचने की कोशिश करता है! चौथी कहानी, ’एक दिन बैंक में’ एक और अनजान महिला कुछ पैसे ऐंठने के लिए बैंक में घुस जाती है- बैंक निश्चित रूप से इतना समझदार है कि उसे इसकी अनुमति नहीं देता या है?

-इन्होंने पात्रों को किया जीवन्त

मंच पर प्रीता माथुर ठाकुर, अमन गुप्ता, शंकर अैयर, रवीश कुमार, गौरव कुमार, अक्षांश और अस्मिता ने विविध भूमिकाएं निबाहीं। नाटक में सैट, मेकअप, प्रापर्टी बहुत सामान्य थे। अपने अभिनय और निर्देशन के कमाल से इस प्रस्तुति को कलाकारों ने रोचक बना दिया। नाटक के अंत में निर्देशक प्रीता माथुर ठाकुर को समारोह का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया है। इस अवसर पर अनिल श्रीवास्तव, बांकेबिहारी ब्यौहार, हिमांशु राय, बदरीश पांडेय, चिन्टू स्वामी, अजय धाबर्डे, आदित्य रूसिया, शुभम पांडेय आदि उपस्थित थे। नाटक से पूर्व केनरा बैंक के उप महा प्रबंधक  आरडी शर्मा ने केनरा बैंक के अपने रिटायर्ड अधिकारी और विवेचना के सचिव हिमांशु राय का कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान किया।  

नाटक की अगली कड़ी

विवेचना थियेटर ग्रुप (विवेचना,जबलपुर) एवं एमपी पावर मैनेजमेंट कपंनी लि, केन्द्रीय क्रीड़ा परिषद के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित विवेचना के 31 वें राष्ट्रीय नाट्य समारोह के पांचवे दिन 09 नवंबर 2025 रविवार को कारवां व रेडनोज़ थियेटर ग्रुप मुम्बई के कलाकार अभिनेता, लेखक व निर्देशक रूपेश टिल्लू के निर्देशन में 'मेडबैथ’ नाटक का मंचन तरंग प्रेक्षागृह रामपुर जबलपुर में संध्या 7.30 बजे करेंगे। 

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