अबुआ दिशुम अबुआ राज...जनजातीय चेतना का मंत्र





बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर वनवासी विकास परिषद द्वारा कार्यक्रम 

जबलपुर। वनवासी विकास परिषद महानगर जबलपुर द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आज बिरसा मुंडा चैक में श्रद्धांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री गणेश सिंह कंवर, स्टेट जीएसटी कमिश्नर उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा ने झारखंड, बिहार और उड़ीसा के युवाओं को संगठित कर अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष की मशाल जलाई। जनजातीय समाज को उनकी धार्मिकदृसांस्कृतिक परंपराओं को बचाने का संदेश देते हुए बिरसा मुंडा ने स्पष्ट कहा कि हमारा धर्म हमारा है, हमारी संस्कृति हमारी है और हमारा देश हमारा है।

-अधिकारों के लिए संघर्ष करो

मुख्य वक्ता देवश्री मोदी ने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज को एकजुट कर उन्हें अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा दी। उनका प्रसिद्ध मंत्र “अबुआ दिशुम अबुआ राज” जनजाति समाज के आत्मसम्मान और स्वराज का प्रतीक बन गया।

-स्व-बोध जगाते हैं भगवान बिरसा मुंडा

कार्यक्रम संचालन पूजा रजक ने किया महानगर महिला समिति सचिव पूजा रजक ने कार्यक्रम का संचालन एवं प्रस्तावना रखते हुए कहा कि आज जब कुछ विभाजनकारी शक्तियाँ जनजाति समाज को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं, ऐसे समय में बिरसा मुंडा की गाथाएँ स्वबोध, आत्मविश्वास और एकात्मता का मार्ग दिखाती हैं।कार्यक्रम में वनवासी विकास परिषद के प्रांत संगठन मंत्री किशोरी लाल यादव, बसंत चेलानी, रमेश केवट, सुषमा केवट, वंदना आनंद, सोमेश गुप्ता, सुशील श्रीवास्तव सहित अनेक कार्यकर्ता और जनजातीय समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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